माछरा/मुंडाली। आदि गुरु शंकराचार्य तीर्थ स्थल नंगलामल की भूमि पर बने अवैध कब्रिस्तान के विरोध में आदि गुरु शंकराचार्य चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संत स्वामी दीपक ज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने सोमवार को अग्नि समाधि लेने की घोषणा कर रखी थी। तहसीलदार मेरठ, लेखपाल व कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही। तहसीलदार ने कागजात देखने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद समाधि लेने की घोषणा टाल दी गई।
स्वामी की घोषणा को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार को पुलिस के व्यापक बंदोबस्त किए थे। प्रशासन की तरफ से तहसीलदार मेरठ संजय कुमार, लेखपाल सुरेंद्र कुमार, थाना प्रभारी किठौर और एसओ मुंडाली भारी पुलिस बल के साथ स्वामी के समाधि स्थल पर पहुंच गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने में स्वामी को काफी समझाया तथा उनसे ऐसा न करने का आग्रह किया। स्वामी ने शर्त रखी कि यदि उनकी मांग पर ठीक प्रकार मामले की जांच कर निस्तारण किया गया तो समाधि लेने की घोषणा को टाला जा सकता है। स्वामी ने तहसीलदार मेरठ के सामने उन दस्तावेज को पेश किया, जिनके आधार पर उक्त्त भूमि पर कब्रिस्तान दर्ज किया गया है।
तहसीलदार ने स्वामी के तथ्यों पर सहमति जताते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद स्वामी ने अग्नि समाधि की घोषणा टाल दी। स्वामी ने सरकार से अपनी सुरक्षा की मांग की। इस अवसर पर ठाकुर सुमित राणा, श्रीओम तोमर, शैली शर्मा, देव तोमर, बॉबी शर्मा, कृष्ण तोमर, विनोद, तेजपाल सिंह आदि अनेक लोग उपस्थित रहे।