खरखौदा। क्षेत्र के गांव बिजौली में स्थित वेदांत आश्रम का 18वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर में स्थापित पंचमुखी शिवलिंग का रुद्राभिषेक व यज्ञशाला में वैदिक यज्ञ द्वारा किया गया। आश्रम में संचालित गोशाला में गोवंश का पूजन कर भोग लगाया।
आश्रम के संस्थापक महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती ने कहा कि प्रत्येक साधक को अपने जीवन में तीन 'म' कार को कभी नहीं छोड़ना चाहिए इष्ट की मूर्ति, जप की माला और गुरु द्वारा प्रदत्त मंत्र। संसार का काम करते रहो भगवान का नाम लेते रहो। मन से ममता मरने पर ही त्याग करना संभव है। हम पाने में पराधीन है और देने में स्वतंत्र। जगत में जो देते हैं वही वापस आता है जैसे वस्तु, द्रव्य, अन्न, आश्रय, प्रेम और विश्वास आश्रम में चल रहे वेद विद्यालय के बटुकों ने स्वस्तिवाचन किया। भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वामी अभयानंद सरस्वती, अनुपम चैतन्य, वंश अवस्थी, वीरेंद्र अग्रवाल, अरविंद नागर, राजीव शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।