साल 1980 के लोकसभा चुनाव में मोहसिना किदवई ने जनता पार्टी (सेक्युलर) के उम्मीदवार हरीश पाल को 57,217 वोटों से हराया था। इसके बाद 1984 के चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें दोबारा मैदान में उतारा, जहां उन्होंने लोकदल के मंजूर अहमद को 96,518 वोटों से पराजित किया।
इन दोनों जीत के साथ मोहसिना किदवई ने मेरठ की राजनीति में नया इतिहास रचा और संसद में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वह कांग्रेस की वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिनी जाती थीं तथा केंद्र सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुकी थीं।
उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।