बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के परिवार की गुंडागर्दी की गूंज लखनऊ तक है। याकूब की बेटी ने पहले स्कूल में शिक्षिकाओं पर हंटर चलाया और अब बेटे फिरोज ने बाजार में व्यापारी को पीटा। इसको लेकर शासन ने मेरठ पुलिस को फटकार लगाई तो मामला और गर्मा गया। नामजद फिरोज की तलाश में याकूब के घर और मीट प्लांट पर दबिश देकर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन सच्चाई कुछ ओर है। याकूब के घर पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी काजू, पिस्ता और मिठाई खायेंगे तो पुलिस कैसे कार्रवाई करेगी, इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
याकूब कुरैशी और उनके समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई मुस्लिम विरोधी बताकर शहर में जुलूस निकालने का एलान किया था। मंगलवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी देहात राजेश कुमार, सीओ दौराला विजय प्रकाश, सीओ एलआईयू विनोद शर्मा, इंस्पेक्टर कोतवाली समेत कई पुलिस अधिकारी याकूब कुरैशी के घर पहुंचे। जहां जुलूस से लेकर नामजद फिरोज की गिरफ्तारी तक की सेटिंग हुई। जिसमें पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी व याकूब और उसके समर्थक बातचीत करते रहे। अधिकारी काजू, पिस्ता और मिठाई खाने में व्यस्त रहे और याकूब अपनी बात उनके सामने रखते रहे।