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पूर्व मंत्री याकूब के घर दबिश देने नहीं काजू, पिस्ता खाने पहुंची थी पुलिस

Thu, 10 Aug 2017 02:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ/गजेंद्र चौधरी
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धरना प्रदर्शन
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बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के परिवार की गुंडागर्दी की गूंज लखनऊ तक है। याकूब की बेटी ने पहले स्कूल में शिक्षिकाओं पर हंटर चलाया और अब बेटे फिरोज ने बाजार में व्यापारी को पीटा। इसको लेकर शासन ने मेरठ पुलिस को फटकार लगाई तो मामला और गर्मा गया। नामजद फिरोज की तलाश में याकूब के घर और मीट प्लांट पर दबिश देकर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन सच्चाई कुछ ओर है। याकूब के घर पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी काजू, पिस्ता और मिठाई खायेंगे तो पुलिस कैसे कार्रवाई करेगी, इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
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याकूब कुरैशी और उनके समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई मुस्लिम विरोधी बताकर शहर में जुलूस निकालने का एलान किया था। मंगलवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी देहात राजेश कुमार, सीओ दौराला विजय प्रकाश, सीओ एलआईयू विनोद शर्मा, इंस्पेक्टर कोतवाली समेत कई पुलिस अधिकारी याकूब कुरैशी के घर पहुंचे। जहां जुलूस से लेकर नामजद फिरोज की गिरफ्तारी तक की सेटिंग हुई। जिसमें पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी व याकूब और उसके समर्थक बातचीत करते रहे। अधिकारी काजू, पिस्ता और मिठाई खाने में व्यस्त रहे और याकूब अपनी बात उनके सामने रखते रहे। 
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‘मंत्री जी घबराएं नहीं’

याकूब कुरैशी के घर पुलिस
पुलिस अधिकारी भी बोलते रहे कि मंत्री जी, घबराएं नहीं कुछ नहीं होगा। आप जुलूस निकाल लो। लेकिन हल्ला मत मचाना। हम लोगों को सिर्फ फौरी तौर पर कार्रवाई करनी है। ऐसा काम कर लो, जो तुम्हारा भी काम हो जाए और हमारी भी इज्जत बची रहे। करीब 20 मिनट अधिकारियों और याकूब कुरैशी के बीच बातचीत चली। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस याकूब के परिवार पर वाकई कोई कार्रवाई करने के मूड में भी नहीं है। 

कौन देगा शासन को गोपनीय रिपोर्ट  
याकूब के घर काजू, पिस्ता और मिठाई की दावत में सीओ एलआईयू विनोद शर्मा भी हैं। सवाल उठता है कि शासन को गोपनीय जानकारी कैसे मिल पाएगी। एलआईयू के सीओ मेरठ पुलिस की कार्यशैली की रिपोर्ट कैसे भेजेंगे। 

सब कुछ याकूब के मुताबिक
याकूब के जुलूस और उसके बेटे की गिरफ्तारी की तलाश में दबिश फुलप्रुफ प्लानिंग है। पुलिस सीधे तौर पर याकूब के मुताबिक काम कर रही है। याकूब की दावत में पुलिस अफसरों ने खुद फिरोज को कोर्ट में सरेंडर करने की सलाह दी। शासन गुंडागर्दी करने वालों पर भले ही कार्रवाई करना चाहता हो। लेकिन मेरठ पुलिस कुछ भी करने को तैयार नहीं है।
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