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दुनिया में नहीं रहे भाजपा के पूर्व विधायक मोहनलाल कपूर, पढ़े- उनके जीवन से जुड़ी कुछ अहम बातें

Mon, 27 Feb 2017 01:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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पूर्व विधायक मोहन लाल कपूर (फाइल फोटो)
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जनसंघ से तीन बार मेरठ शहर के विधायक रहे मोहनलाल कपूर का रविवार को निधन हो गया। 92 वर्षीय कपूर ने नोएडा के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनका शव दोपहर बाद मेरठ लाया गया। सोमवार को सूरजकुंड में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन की सूचना मिलते ही भाजपा नेताआें समेत शहर के अनेक गण्यमान्य लोग दामोदर कॉलोनी स्थित आवास पर शोक संतृप्त परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
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मोहनलाल कपूर जनसंघ और भाजपा के दिग्गज नेताओं में रहे हैं। लोकतंत्र सेनानी के तौर पर वह जेल भरो आंदोलन में भी सक्रिय रहे। वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और लगभग तीन माह से नोएडा के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनका शव गढ़ रोड स्थित दामोदर कॉलोनी में आवास पर पहुंचते ही भाजपा समेत अन्य दलों के नेता और संबंधियों का तांता लगना शुरू हो गया। उनकी अंतिम यात्रा सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे उनके आवास से सूरजकुंड के लिए निकलेगी। मोहनलाल अपने पीछे पत्नी लीला कपूर, पुत्र डॉ. राजेश कपूर, दीपक कपूर, निखिल कपूर और बेटी कल्पना और भावना मेहरा को छोड़कर गए हैं। डॉ. राजेश कपूर और उनकी पत्नी डॉ. गुंजन जेपी हास्पिटल में हैं।
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पार्षद से विधायक तक का सफर

दामोदर काॅलोनी स्थित घर पर विलाप करतीं पूर्व विधायक की पत्नी
मोहनलाल कपूर ने पहले पार्षद और बाद में विधायक रहते हुए जनता की सेवा की। उनका जन्म मेरठ में वर्ष-1925 में हुआ था। वर्ष-1952 में वह नगर पालिका के पार्षद पद का चुनाव लड़े और पहली ही बार में जीत हासिल की। इसके बाद जनसंघ से विधानसभा चुनाव लड़कर 1967, 1969 और 1974 में मेरठ शहर से विधायक चुने गए। इमरजेंसी के दौरान वह लगभग 19 महीने जेल में रहे। वह वर्ष-1986 में भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रहे। उन्होंने 1995 में अपना भाग्य मेयर पद के लिए भी आजमाया था। वह भाजपा से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मेयर का चुनाव लड़े थे। इनके सामने भाजपा से सत्यप्रकाश अग्रवाल चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में मोहनलाल तो नहीं जीत पाए, लेकिन उन्हें जनता का काफी समर्थन मिला। इस चुनाव में अयूब अंसारी मेरठ के मेयर बने थे। इसके बाद मोहनलाल कपूर ने कोई चुनाव नहीं लड़ा। वह लगातार भाजपा के मजबूत कार्यकर्ता के तौर पर काम करते रहे। लगभग सभी चुनावों में भाजपाई उनका मार्गदर्शन लेते थे।
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