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अग्निवीर भर्ती में फर्जीवाड़ा: आर्मी इंटेलिजेंस व मुजफ्फरनगर पुलिस ने चार दबोचे, बागपत का सिकंदर है मास्टमाइंड

Thu, 29 Sep 2022 03:20 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ/मुजफ्फरनगर

सार

आर्मी इंटेलिजेंस और मुजफ्फरनगर पुलिस ने अग्निवीर भर्ती में धांधली कर युवाओं को भर्ती कराने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 2 लाख 35 हजार रुपए की नगदी व कई अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
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मुजफ्फरनगर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आर्मी इंटेलिजेंस व मुजफ्फरनगर सिविल लाइन थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में अग्निवीर सेना भर्ती में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर युवकों को भर्ती कराने की कोशिश करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। अधिवक्ता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर फर्जी कागजात व मोबाइल समेत 2,35000 रुपये बरामद किए हैं।

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एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि आरोपियों को नगर के कंपनी बाग के पास बने ट्यूबवैल की पीछे से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ऐसे युवकों को निशाना बनाते थे, जिनके कागजात पूरे नहीं है या उम्र अधिक हो गई है।



आरोपी फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने की एवज में डेढ से दो लाख रुपये लेते थे। पकड़े गए आरोपी बागपत, मुरादाबाद और संभल के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी सिकंदर अधिवक्ता है और वही पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड है।
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ये सामान हुआ बरामद - फोटो : अमर उजाला
ये आरोपी गिरफ्तार
1. सिकंदर सिंह पुत्र वीर सिंह निवासी ढिकौली, थाना चांदीनगर जनपद बागपत
2. अनुज चौधरी पुत्र केन्द्र सिंह निवासी ग्राम उदयपुर, थाना सोनकपुर जनपद मुरादाबाद
3. प्रशान्त चौधरी पुत्र मनवीर सिंह निवासी ग्राम मिठौली, थाना हजरत गढी जनपद संभल
4. हिमांशु चौधरी पुत्र सतवीर सिंह निवासी ग्राम मिठौली, थाना हजरत गढी जनपद संभल

ये दस्तावेज हुए बरामद
-दो मार्कशीट, दो आधार कार्ड (फर्जी)
-एक आर्मी भर्ती एप्लीकेशन फार्म।
-एक मार्कशीट, 01 आधार कार्ड, 01 परिचय पत्र (असली)।
-100 शीट मार्कशीट प्रिनंट करने वाला पेपर।
-एक ओप्पो मोबाईल(घटना में प्रयुक्त)
-2,35,000 रुपये नकद।
 
ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि गिरोह उन लोगों को टारगेट करता था, जिनके दस्तावेज अधूरे थे या जिनकी उम्र सेना भर्ती के लिए निकल चुकी थी। इन लोगों के फर्जी दस्तावेज, फर्जी मार्कशीट बनाने के बाद इन्हें अग्निवीर में भर्ती कराने का काम किया जा रहा था। इस काम के लिए डेढ़ से दो लाख रुपये की रकम ली जा रही थी। 
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