चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सत्र 2017-18 में एडमिशन के लिए आधार नंबर अनिवार्य होगा। 12वीं पास करने वाले जिन छात्र-छात्राओं के पास आधार नंबर नहीं होगा, वह रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे। विवि इसको सख्ती से लागू करने जा रहा है। यूजीसी ने विवि को इस बारे में निर्देश दिया है। इसके अलावा एडमिशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव यह है कि एक मोबाइल नंबर और एक ईमेल आईडी से एक ही रजिस्ट्रेशन होगा।
शनिवार को एडमिशन प्रक्रिया को लेकर विवि में प्रतिकुलपति प्रो. एचएस सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। तय किया गया कि रजिस्ट्रेशन में आधार नंबर अनिवार्य होगा। यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) ने एंटी रैगिंग फार्म में आधार नंबर, पैरेंट्स के नंबर और ईमेल आईडी और दोस्तों का भी फोन नंबर मांगा है। यह डाटा लिंक होकर कॉलेज के माध्यम से यूजीसी के पास जाएगा। प्रतिकुलपति प्रो. एचएस सिंह का कहना है कि नए निर्देश का पालन करना होगा। विवि पहले ही इस बारे में अपनी वेबसाइट पर जानकारी अपलोड करेगा। बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए जाएंगे। एक मोबाइल नंबर और एक ईमेल आईडी से एक ही रजिस्ट्रेशन होगा। एक मोबाइल नंबर से कई रजिस्ट्रेशन होने से परेशानी हो रही थी। मैसेज के जरिए आवेदक के पास सूचना पहुंचती है।
फॉर्म मित्र बनाने पर विचार
विवि फॉर्म भरवाने के लिए आवेदकों की मदद करने को फॉर्म मित्र बनाने पर विचार कर रहा है। एक कॉलेज में दो लोगों को फार्म मित्र के लिए अधिकृत किया जा सकता है। वह आवेदक की फॉर्म भरने में हुई गलती ठीक करने से लेकर उसकी मदद कर सकते हैं। प्रिंसिपल जिसको अधिकृत करेगा वह फॉर्म मित्र बनेंगे।
कंट्रोल रूम बनेगा
विवि में एडमिशन प्रक्रिया के दौरान आने वाली शिकायतों को दूर करने के लिए इस बार कैंपस में कंट्रोल का बड़ा सैटअप होगा। आवेदकों की शिकायत पर टोकन नंबर या ग्रीवांस नंबर दिया जा सकता है। एडमिशन कैंसिलेशन का अधिकार कॉलेज में दो लोगों के पास रहेगा। एक प्रिंसिपल और दूसरा संबधित बाबू के पास यह अधिकार होगा। अल्पसंख्यक कॉलेजों से आधी सीट पर उनके द्वारा एडमिशन करने की जानकारी जल्द जारी करने को कहा जाएगा। आधी सीट पर विवि की मेरिट से एडमिशन होते हैं। विवि मेरिट की संख्या इस बार कम रखेगा।