जर्जर कमरों और पानी टपकने की शिकायत की
दिल्ली हादसे के बाद सीसीएसयू हाॅस्टल में भी बढ़ी सुरक्षा की चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। दिल्ली में हाल ही में हॉस्टल ढहने की घटना के बाद चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में भी छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी के चलते मंगलवार को सीसीएयू के दुर्गा भाभी हॉस्टल की छात्राएं बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में कुलपति कार्यालय पर धरने पर बैठ गईं। छात्र नेता हर्ष ढाका और अक्षय के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और जर्जर हालात पर कड़ा रोष जताया।
छात्राओं का आरोप है कि दो छात्राओं की क्षमता वाले कमरों में तीन-तीन छात्राओं (ट्रिपलिंग) को रखा जा रहा है, जिससे पढ़ाई और रहने में भारी परेशानी हो रही है। इसके अलावा, बारिश के दौरान कमरों की छतों से पानी टपकने और शौचालयों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराने की शिकायत भी की गई। छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय के कई हॉस्टलों की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं और दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को पर्याप्त आवास नहीं मिल पा रहा है।
धरने में शान मोहम्मद, शायरब चौधरी, अक्षय बैसला, अक्षय मलिक, शेखर चौधरी, आलोक बैसला, अक्षय सिंह और शिवम सिंह समेत कई छात्र मौजूद रहे। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस बीच, आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर छात्रों की इस मांग का पूर्ण समर्थन किया।
हंगामे के बाद जागा विवि प्रशासन, 200 बेड के हाॅस्टल का निर्माण कार्य होगा तेज
मेरठ। दुर्गा भाभी हॉस्टल की छात्राओं के धरने और कड़े विरोध प्रदर्शन के बाद हरकत में आए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल की क्षमता बढ़ाने का बड़ा निर्णय लिया है। मंगलवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में छात्रावासों की अव्यवस्थाओं को दूर करने और नई सुविधाओं के सृजन पर मुहर लगाई गई।
बैठक में बताया गया कि पीएम उषा निधि योजना के तहत छात्राओं के लिए 200 बेड के नए छात्रावास का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे कुलपति ने अगले शैक्षणिक सत्र से पहले हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा हॉस्टलों में डोरमेट्री बनाने, बीटेक भवन के पास छात्रों के लिए नए हॉस्टल और वर्तमान छात्रावासों के विस्तार पर भी विचार किया गया।ट्रिपलिंग की अनिवार्यता को लेकर तय किया गया कि जहां यह आवश्यक होगी, वहां विद्यार्थियों की सहमति और सुविधा को पूरी प्राथमिकता दी जाएगी।
छात्र नेता हर्ष ढाका, अक्षय बैंसला और शुभम भड़ाना ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले भी अतिरिक्त हॉस्टल निर्माण की मांग की गई थी लेकिन अब जाकर प्रशासनिक सुगबुगाहट तेज हुई है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के आदेश प्रधान ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि समस्याएं दूर नहीं हुईं, तो कैंपस में उग्र आंदोलन किया जाएगा। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने आश्वासन दिया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं।