केस नंबर दो
ग्राम पंचायत दूधली खादर में जब मंगलवार को गोवंश को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया गया तो वहां पर कई गाय तो चारे के अभाव में कमजोरी की स्थिति में नजर आई जो अपने आप उठने में भी समर्थ नहीं थी वही एक गोवंश ऐसा भी मिला जिसका कान इलाज के अभाव में गल कर समाप्त हो रहा है और वह अपने इलाज के लिए तड़प रही है। यहां पर स्थानीय लोगों ने बताया कि 40 गोवंश को दिन में सिर्फ एक बार चारा दिया जाता है जिससे वह बेहद कमजोर हैं वहां पर उचित इलाज मिल रहा है नहीं उन्हें भरपूर चारा जिससे वे भूख से तड़प रहे हैं।
सैकड़ों गोवंश की खतरे में जान
विकासखंड द्वारा संचालित मालीपुर गौ आश्रय स्थल और दुधली गौशालाएं बनाई गई हैं, जिनके संचालन के ग्राम पंचायत और मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश योजनाओं के तहत किया जा रहा है। जबकि गौशाला मूलभूत सुविधाओं से अभी महरुम है। सैकड़ों गोवंश पकड़कर गौशाला में लाए जरूर गए हैं, लेकिन इनके लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जिसके कारण गौशाला में गोवंश भूखे घूम रहे हैं इलाज के अभाव में गोवंश मौत के मुंह में समाते जा रहे हैं।
दर्जनों गोवंश ऐसे जो अपने आप जमीन से उठ भी नहीं पा रहे
इन को आश्रय स्थलों पर मौजूद दर्जनों गोवंश भगाने के लिए अपने शरीर को हिला भी नहीं पा रहे। ऐसे में गोवंशो के संवर्धन के लिए योगी सरकार की योजना कैसे साकार होगी। यही नहीं आसपास के ग्रामीणों का आरोप है कि इन गौशालाओं से गोवंश भूखे और इलाज के कारण सड़क रहे हैं।
अधिकारियों की टीम मौके पर भेजकर तुरंत कराया जाएगा निरीक्षण
इस मामले को गंभीरता से लेकर तुरंत अधिकारियों की टीम मौके पर भेजी जाएगी। जो तुरंत स्थलीय निरीक्षण करेगी। गोवंश को मिलने वाले चारे और इलाज तुरंत दिलाया जाएगा। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -शशांक चौधरी मुख्य विकास अधिकारी मेरठ