सिवालखास विधानसभा क्षेत्र के गांव ईकड़ी में आयोजित राष्ट्रीय लोकदल की एकता रैली में रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने केंद्र और प्रदेश सरकार की किसानों, युवाओं और आम जनता से जुड़ी योजनाओं का जिक्र किया। हालांकि वह अपने भाषण में विपक्ष पर मौन रहे। न कोई हमला न टिप्पणी। इससे क्षेत्र में सियासी हलचल बढ़ी है।
करीब 30 मिनट के अपने भाषण में चौधरी जयंत सिंह ने भाईचारा पर जोर दिया। आमतौर पर राजनीतिक मंचों से विपक्ष पर तीखे बयान देखने को मिलते हैं। ऐसे में उनका यह संतुलित और संयमित रुख चर्चा का विषय बना रहा। राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय लोगों का मानना है कि चौधरी जयंत सिंह का यह अंदाज भविष्य की राजनीति की ओर इशारा कर सकता है। कुछ लोगों का कहना है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए चौधरी जयंत सिंह अपने विकल्प खुले रखना चाहते है। यही वजह हो सकती है कि वे फिलहाल विपक्ष पर आक्रामक टिप्पणी करने से बच रहे हैं। इस रणनीति को संभावित गठबंधन या किसी भी सरकार में शामिल होने की संभावना से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह केवल एक सकारात्मक राजनीति का संकेत है जिसमें विकास और योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, न कि आरोप-प्रत्यारोप पर।