नाव के सहारे आवागमन करते ग्रामीण स्रोत
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव इस समय बाढ़ से प्रभावित हैं। इन्हीं गांवों में गंगा पार मवाना तहसील का राजस्व गांव बधवा खेड़ी गंगा की दो धाराओं के बीच में बसा हुआ गांव है। यहां हस्तिनापुर और चांदपुर के नारनौर की ओर सड़कों पर अधिक पानी होने के कारण आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था। शनिवार को ग्रामीणों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से वह बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। उनके पास तक न तो कोई राहत पहुंची और नहीं कोई मदद मिली है। शनिवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। रविवार को ग्राम प्रधान बालेश्वर के माध्यम से ग्रामीणों को बाढ़ राहत सामग्री वितरित की गई। ग्रामीण कुलदीप और नितिन ने बताया कि गांव में चारों ओर पानी भरा हुआ है और आवागमन का भी कोई रास्ते नहीं है। दोनों ओर मुख्य मार्गों पर पानी भरा होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर घर के लिए राशन ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को बाढ़ राहत सामग्री की किट वितरित की गई। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। अपर जिलाधिकारी सूर्यकांत त्रिपाठी ने नायक तहसीलदार सचिन चौधरी को बधवा खेड़ी गांव के लोगों को राशन वितरण के लिए लगाया था। उन्होंने बताया कि रविवार को 70 पैकेट बाढ़ राहत किट ग्रामीणों को वितरित की गई है। गंगा का जलस्तर भी इस समय सामान्य है। अगले दो-तीन दिनों में जंगल से भी पानी गंगा की ओर पहुंच जाएगा।
नाव के सहारे आवागमन करते ग्रामीण स्रोत