सूरजकुंड पार्क से राष्ट्रीय ध्वज के गायब होने का मामला उजागर होने पर एमडीए प्रशासन में हड़कंप मच गया। जहां दिन भर राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी फाइल खंगाली गई, वहीं कंपनी अधिकारियों से भी संपर्क साधा गया। एमडीए वीसी ने तिरंगा प्रोजेक्ट की पूरी रिपोर्ट तलब करते हुए तीन दिन में तिरंगा फिर से फहराए जाने और साथ ही भविष्य में राष्ट्रीय ध्वज के रखरखाव और निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
एमडीए ने 10 मई को क्रांति दिवस के अवसर पर सूरजकुंड पार्क में 41 मीटर ऊंचे पोल पर तिरंगा फहराया था। इतने बड़े राष्ट्रीय ध्वज को लगाने और रखरखाव की टेक्निकल जिम्मेदारी भी कंपनी के पास बतायी जा रही है। जानकारी मिली कि एमडीए ने भी अपने कुछ कर्मचारियों को देखरेख में लगाया था। जिम्मेदारी निर्धारित होने के बावजूद भी एक माह से पार्क में खड़ा पोल तिरंगे की बाट जोह रहा है। पार्क में रोजाना घूमने आने वाले सैकड़ों लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के फिर से फहराने का इंतजार है।
‘अमर उजाला’ के खुलासे से मचा हड़कंप
‘अमर उजाला’ ने इस प्रकरण को मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो उसके बाद एमडीए प्रशासन की नींद टूटी। तिरंगे के सम्मान को लेकर शहर के जागरूक नागरिकों ने भी चेतावनी देनी शुरू कर दी। इसके बाद ऐसा हड़कंप मचा कि एमडीए के अफसरों ने तिरंगा और पोल लगाने वाली कंपनी की फाइल खंगालनी शुरू कर दी। जिसके बाद कंपनी का पेमेंट न करने का मामला भी खुल गया। अब जहां कंपनी को बकाया धनराशि दी जाएगी। वहीं, तीन दिन के भीतर पोल पर तिरंगा भी फहराने का दावा किया गया है। अब देखना यह है कि एमडीए प्रशासन तिरंगे के सम्मान को लेकर कितना गंभीर है।
जगमग होगा तिरंगा और पार्क
तिरंगे के नीचे लगायी गई लाइटें ही नहीं बल्कि पार्क की अन्य लाइटें भी शीघ्र दुरुस्त हो जाएंगी। लाइटों की रोशनी से तिरंगा ही जगमग नहीं होगा बल्कि पूरा पार्क रोशनी से नहा जाएगा। इसके लिए तिरंगे के नीचे लगी लाइटों को एमडीए ठीक कराएगा और पार्क की अन्य लाइटों को नगर निगम ठीक कराएगा।
तत्काल फहराएं तिरंगा
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कमिश्नर आलोक सिन्हा को पत्र लिखकर मांग की है कि सूरजकुंड पार्क में तत्काल तिरंगा फहराया जाए। एक माह से तिरंगे की कोई खबर न लेने वाले अधिकारियों की जांच करायी जाए। ताकि भविष्य में राष्ट्रीय ध्वज के साथ ऐसा न हो।