मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने श्रमिकों को वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। लेकिन मेरठ से जाने वाले मजदूरों की व्यवस्था करने में प्रशासन हांफ गया है। अभी तक 50 बसों के माध्यम से 1378 मजदूरों को उनके स्थान तक पहुंचा दिया गया। लेकिन बिहार के करीब पांच हजार मजदूर यहां फंस गए हैं। बसों का संचालन भी बंद कर दिया गया है।
जिले में मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया था। जिसमें मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित कंट्रोल रूम में अकेले बिहार के मजदूरों की संख्या डेढ़ से दो हजार के करीब है। इसके अलावा जिला प्रशासन, थानों में भी कुछ मजदूरों ने अपनी संख्या नोट कराई थी। इन आंकड़ों से ये संख्या पांच हजार पहुंच जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार बिहार के मजदूरों को भेजने के लिए 8-10 ट्रेनों की जरूरत है। अभी तक रेलवे की ओर से मेरठ को आने वाली या जाने वाली किसी भी ट्रेन की कोई सूचना जिला प्रशासन के पास नहीं है। अगले आदेश तक अब बसों का आवागमन भी रोक दिया गया है। एमडीए सचिव प्रवीणा ने बताया कि हमने सभी मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच करने के बाद ही बस में सवार किया है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी किया गया है।
अभी तक बस का आंकड़ा
7 मई - राजस्थान की पांच बस कुल मजदूर - 116
8 मई - उतर प्रदेश के जिलों सहित अन्य राज्य के लिए 16 बस कुल मजदूर- 581
9 मई - उतर प्रदेश के जिलों सहित अन्य राज्य के लिए 24 बस कुल मजदूर - 681