सरधना में इलाज करते पांच झोलाछाप गिरफ्तार
सरधना। सरधना नगर में मंगलवार को डीएम के आदेश पर झोलाछाप के खिलाफ अभियान चलाया। अभियान में नगर से पांच झोलाछाप को पकड़ा। जांच के दौरान कोई भी डिग्री नहीं दिखा सका। इस दौरान नगर में झोलाछाप में हड़कंप मचा रहा। एसडीएम अमित कुमार भारतीय ने बताया कि पकडे़ गये लोगों के खिलाफ मुकदमा कराया गया है।
एसडीएम अमित कुमार भारतीय, सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार सिंह, थानाध्यक्ष बृजेश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ विभाग की टीम के साथ छापामारी अभियान चलाया। एसडीएम ने बताया कि छापामारी के दौरान पांच ऐसे झोलाछाप को पकड़ा गया है, जिनके पास डिग्री नहीं थी और वे क्लीनिक पर मरीजों का इलाज कर रहे थे। जिसमें आजाद नगर से हनफी, मोहल्ला रमतलैय्या से बाबू अंसारी, कुम्हारान से श्योराज सिंह, मोहल्ला तकियाकैत से राजकुमार, संत जोजफ्स पीजी कॉलेज के सामने से महेश कुुमार को पकड़ा। सीएचसी प्रभारी डॉ राजेश कुमार की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कुछ देर में थाने से ही दे दी जमानत
पुलिस ने पकड़े गए झोलाछाप पांचों आरोपियों को थाने से जमानत दे दी। लोगाें का कहना है कि पुलिस छोटे-छोटे मामलों में जेल भेज देती है, लेकिन लोगाें के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप को थाने से छोड़ दिया। पुलिस ने इन पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए थी।
परीक्षितगढ़ में खाली हाथ लौटी टीम
परीक्षितगढ़ नगर व देहात में झोलाछाप के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। लेकिन टीम के हाथ कोई भी झोलाछाप नहीं लगा। तहसीलदार अजय उपाध्याय, सीएचसी प्रभारी डॉ. संदीप गौतम पुलिस फोर्स के साथ नगर के मवाना बस स्टैंड पर पहुंचे और झोलाछाप के क्लीनिकों पर छापामारी की। कार्रवाई के दौरान क्लीनिक पर उपचार करा रहे लोगों से जानकारी और डिग्री प्राप्त डॉक्टरों से उपचार कराने की सलाह दी। इसके बाद टीम ग्राम आसिफाबाद, पूठी में झोला छाप डॉक्टरों के क्लीनिक पर छापा मारा, लेकिन डॉक्टरों को छापे की खबर लगने पर वह क्लीनिक बंद कर फरार हो गए।
बिना पंजीकरण के चला रहे थे क्लीनिक
मवाना। एसडीएम कमलेश गोयल ने सीएचसी प्रभारी के साथ झोलाछाप के खिलाफ अभियान चलाया। एक झोलाछाप के खिलाफ सीएचसी प्रभारी डा. सतीश भास्कर ने तहरीर दी है। एसडीएम कमलेश गोयल, सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर के साथ मुबारिकपुर रोड पर पहुंचे एक झोलाछाप के कागजातों की जांच की। छापामारी के दौरान नीम नारायण चिकित्सालय पर वैद्य नरेंद्र कुमार सैन व डॉ. हेमंत कुमार सैन बिना चिकित्सा पंजीकरण के क्लीनिक चलाते मिले, जो कि मेडिकल एक्ट के अनुसार दंडनीय अपराध है। तहरीर में दोनों के खिलाफ अवैध रुप से चिकित्सा कार्य करने के संबंध में इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करने को कहा है।
कार्रवाई की जा रही
डीएम ऑफिस में झोलाछाप की शिकायत हुई थी। मंगलवार को कार्रवाई के दौरान पांच झोलाछाप पकड़े हैं। जिनके खिलाफ मुकदमा कराया गया है।
-अमित कुमार भारतीय एसडीएम सरधना।