मेरठ जनपद के हस्तिनापुर मखदूमपुर मेले में कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार रात वर्चस्व के लिए गोलियां चली थीं। गोली लगने से घायल अलीपुर मोरना गांव निवासी कोशिंद्र ने मंगलवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कोशिंद्र ने बयान में गोली मारने वालों में अंकुश और उसके दो साथी हरीश व कालू का नाम बताया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। गोली लगने से अंकुश भी घायल हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में कोशिंद्र का अंतिम संस्कार हुआ।
मखदूमपुर गंगा मेले में सोमवार को अलीपुर मोरना निवासी कोशिंद्र गुर्जर दोस्तों के साथ दीपदान करने गए थे। गांव के ही हर्ष गुर्जर भी अपने साथियों के साथ मेले में गए थे। कोशिंद्र के परिजनों के मुताबिक, हर्ष और कोशिंद्र के बीच थप्पड़ मारने को लेकर कई सालों से विवाद चल रहा था। सोमवार रात कोशिंद्र पर हर्ष व उसके साथियों ने गोलियां चला दीं। उसे छह गोलियां लगीं। हर्ष पक्ष से गढ़ी हस्तिनापुर निवासी अंकुश के हाथ में गोली लग गई। घायल दोनों को पुलिस ने मवाना सीएचसी में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर कोशिंद्र को मेरठ रेफर कर दिया। मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने कोशिंद्र के भाई की तहरीर पर हर्ष गुर्जर, अंकुश, रोहन उर्फ कालू, हरीश, ईशु सिरोही, शौकिंद्र, आशीष, मोनू, रोहित उर्फ दादा और एक अज्ञात युवक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने गढ़ी हस्तिनापुर निवासी अंकुश (घायल), रामनगर, परीक्षितगढ़ निवासी रोहन उर्फ कालू, अटौड़ा मवाना निवासी हरीश को गिरफ्तार कर लिया है।
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एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि कोशिंद्र ने गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों के नाम मरने से पहले बताए थे। कोशिंद्र पर मुजफ्फरनगर, मवाना, हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ थाने में अलग-अलग धारा में 16 मुकदमे पंजीकृत हैं।
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