गढ़ रोड स्थित राजवंश विहार में बृहस्पतिवार दोपहर केमिकल फैक्ट्री का बॉयलर तेज धमाके के बाद फट गया। फैक्ट्री में लगी भीषण आग में तीन कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए, जबकि एक गाय जिंदा जल गई। दो कर्मचारियों को दिल्ली के अस्पताल रैफर कर दिया गया। दमकल कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। एफएसओ पुलिस लाइन के अनुसार यह फैक्ट्री अवैध तरीके से चल रही थी।
मेडिकल थाना क्षेत्र में स्थित यह फैक्ट्री मंगलपांडे नगर निवासी पद्म सैन गर्ग की है। जिसमें फेवीकॉल बनाया जाता है। फैक्ट्री में एक गाय और बछड़ा बंधा था, जबकि फैक्ट्री से सटे प्लॉट में फैवीकॉल के ड्रम, भारी मात्रा में लकड़ी र्का इंधन रखा हुआ था। दोपहर करीब तीन बजे फैक्ट्री में कर्मचारी काम कर रहे थे। इस बीच अचानक तेज धमाके के साथ बॉयलर फटने के बाद आग लग गई। जिसकी चपेट में आकर कर्मचारी अरविंद राय और कबूलपुर मुंडाली निवासी नरेश तोमर बुरी तरह से झुलस गए। तीसरे कर्मचारी का पैर झुलस गया।
चीख पुकार मचने पर आसपास के लोगों ने तीनों कर्मचारियों और बछड़े को फैक्ट्री से निकाला। लेकिन तब तक गाय आग की लपटों में घिर चुकी थी। सूचना पर चीफ फायर ऑफिसर शिवदयाल शर्मा, एफएसओ पुलिस लाइन संजीव कुमार, एफएसओ परतापुर मुकेश कुमार और एसओ मेडिकल दमकल की आठ टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान आग प्लॉट में रखे फेवीकॉल के ड्रमों तक पहुंच चुकी थी। बॉयलर ने एक दीवार और टीनशेड को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
जांच में नहीं मिली एनओसी:
एफएसओ संजीव कुमार के अनुसार फैक्ट्री जर्जर बिल्डिंग में चल रही थी। बॉयलर भी काफी पुराना था। जांच में न तो अग्निशमन विभाग की एनओसी और न फैक्ट्री का कोई नाम मिला। सुरक्षा मानक भी पूरे नहीं थे। ऐसे में अग्निशमन विभाग और पुलिस फैक्ट्री को अवैध तरीके से संचालित होना मान रही है। अधिकारी फैक्ट्री मालिक के बारे में पूछते रहे तो बताया गया है कि वह अस्पताल गए हैं।
नहीं बचा सके गाय
स्थानीय निवासी कपिल ने बताया कि फैक्ट्री में आग लगने के दौरान हमने गाय की जंजीर तोड़ने की कोशिश की थी। लेकिन सफलता नहीं मिली। तीन तरफ दीवार थी और एक तरफ से आग की लपटें बढ़ रही थी। जिसके कारण गाय जिंदा जल गई। दो घंटे बाद गाय के झुलसे हुए शव को देखकर लोगों की चीख निकल गई।
आगरा पहुंच रही थी कॉल
वहां मौजूद युवक ने बताया कि हमने 101 नंबर पर सूचना दी तो वह आगरा पहुंच रही थी। उसके बाद एसओ मेडिकल को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची।
रिहायशी इलाके में फैक्ट्री
राजवंश विहार रिहायशी इलाका है। लेकिन यहां 30 से अधिक अलग-अलग फैक्ट्री हैं। आग लगने पर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया था। यदि दमकल की गाड़ी पांच मिनट और न पहुंचती तो पास की दो फैक्ट्रियां भी आग की चपेट में आ सकती थी।
अफवाह भी फैली
इस दौरान लोगों ने पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों से कहा कि एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है। लेकिन बाद में पता चला कि उसे आनंद अस्पताल से दिल्ली रैफर किया गया है। देर रात तक पुलिस कर्मचारी की मौत को अफवाह बताती रही।