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लापरवाही के बोझ में दबे फायर हाईड्रेंट

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मेरठ। आग की घटनाओं के मद्देनजर बनाए गए फायर हाईड्रेंट के अस्तित्व पर संकट मंडरा गया है। शहर के 133 स्थानों पर लगे इन फायर हाईड्रेंट में से आधे खराब हो गए हैं, जिस कारण आग की घटना पर काबू पाना दमकल विभाग के लिए चुनौती बन जाता है। हर साल इन हाईड्रेंट से जुड़ी रिपोर्ट नगर निगम के जलकल विभाग को भेजी जा रही है। बावजूद इसके हाईड्रेंट को नजर अंदाज किया जा रहा है।
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ब्रिटिश शासनकाल में घनी आबादी वाले क्षेत्रों को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से फायर हाईड्रेंट लगाए गए थे। यह हाईड्रेंट इस तरह से तैयार किए गए थे, ताकि आग लगने की स्थिति में इनसे पानी की आपूर्ति कर तुरंत राहत कार्य सुचारु रखा जा सके। कई वर्षों तक यह व्यवस्था कारगर साबित हुई। लेकिन जैसे-जैसे आधुनिक विकास का दौर शुरू हुआ, इन्हें नजर अंदाज किया जाने लगा। वर्तमान में हाईड्रेंट कागजों तक सिमटकर रह गए हैं। आलम यह है कि शहर भर में लगे 133 फायर हाईड्रेंट में से 68 हाईड्रेंट सड़क निर्माण के वक्त दबकर पूरी तरह खराब पड़े हैं। सड़क निर्माण के वक्त एक बार जो हाईड्रेंट दब गया, उसके बाद किसी ने उसकी सुध नहीं ली। हर साल दिवाली के आसपास त्योहारों पर इन हाईड्रेंट को याद किया जाता है और सरगर्मी से इनकी तलाश होती है। लेकिन त्योहार निपटते ही इन हाईड्रेंटों की फाइल दबाकर रख दी जाती है।
रिपोर्ट ओके, लेकिन भरोसेमंद नहीं
फायर हाईड्रेंट की देखरेख की जिम्मेदारी नगर निगम का जलकल विभाग और दमकल विभाग संयुक्त रूप से उठाता है। विभागीय रिपोर्ट पर गौर करें तो 133 में से 69 हाईड्रेंट पूर्ण रूप से निष्क्रिय हैं। शेष हाईड्रेंट रिपोर्ट के अनुसार ओके हैं। लेकिन भरोसेमंद उन्हें भी नहीं कहा जा सकता। इसकी वजह हाईड्रेंट की अधूरी व्यवस्था है। किसी पर फ्लैच का बोल्ट नहीं है तो किसी में पानी का प्रेशर नहीं है। किसी का गड्ढा छोटा है तो किसी पर कैप ही नहीं लगी है। अधूरे होने के कारण हाईड्रेंट बेकार साबित होते हैं और दमकल की गाड़ियों को दूर-दराज से पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है।
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क्या होता है हाईड्रेंट
फायर हाईड्रेंट एक कनेक्शन प्वाइंट है। जिसके द्वारा फायर फाइटर्स पानी की आपूर्ति में टैप कर सकते हैं। ये हाईड्रेंट शहर के अलग-अलग स्थानों पर स्थापित किए जाते हैं। यह सक्रिय अग्नि सुरक्षा का एक घटक है। दमकल विभाग के कर्मचारी आवश्यकता पड़ने पर आसपास लगे हाईड्रेंट से पानी की आपूर्ति करते हैं।
थाना क्षेत्रों में हाईड्रेंट की स्थिति
थाना कुल स्थान खराब
मेडिकल 04 02
सिविल लाइन 09 04
नौचंदी 10 06
कंकरखेड़ा 06 05
लालकुर्ती 04 --
दौराला 02 --
कोतवाली 35 28
देहलीगेट 19 17
लिसाड़ीगेट 07 05
ब्रह्मपुरी 04 02
रेलवे रोड 12 09
सदर बाजार 02 --
टीपीनगर 18 06
जिम्मेदारी जलकर विभाग की
फायर हाईड्रेंट की जिम्मेदारी जलकल विभाग की है। विभाग समय-समय पर जलकल विभाग को अवगत कराता रहता है। हाल ही में एक रिपोर्ट दी गई है। ताकि दिवाली से पूर्व उन्हें सही किया जा सके। -अजय कुमार शर्मा, चीफ फायर ऑफिसर
संयुक्त अभियान चलाएंगे
दमकल विभाग से इस संबंध में जानकारी मिली है। जल्द दोनों विभाग संयुक्त अभियान चलाकर फायर हाईड्रेंट को क्रियाशील बनाने का काम करेंगे। -सुनील कुमार, सहायक अभियंता, जलकल विभाग, नगर निगम
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