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आग से पिता-पुत्र की झोपड़ी जलकर राख, नकदी और सामान भी जला

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आग से पिता-पुत्र की झोपड़ी जलकर राख, नकदी और सामान भी जला
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परीक्षितगढ़। गांव झब्बापुरी की सपेरा बस्ती में पिता-पुत्र की झोपड़ियों में आग लगने से घरेलू सामान जलकर राख हो गया। लोगों ने झोपड़ी के अंदर सो रहे दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। परिवार गेहूं की फसल काटने खेत पर गया हुआ था। अग्निशमन की गाड़ी से पहले ही झोपड़ियां जलकर राख हो गई थी।
गांव झब्बापुरी निवासी रघुवीर नाथ और उसके बेटे आजाद नाथ की झोपड़ियां हैं। शनिवार को पिता-पुत्र पास के ही खेत में गेहूं की फसल काटने गए हुए थे। दोपहर करीब तीन बजे आजाद नाथ की छह वर्षीय बेटी अमीना और चार वर्षीय बेटा संतोष झोंपड़ी में सो रहे थे। अचानक दोनों की झोपड़ियों में आग लग गई। आसपास के लोगों ने झोपड़ी में सो रहे दोनों बच्चों को सकुशल बाहर निकाला।
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रघुनाथ ने बताया कि तीन दिन पूर्व उसने 45 हजार रुपये की घोड़ी बेची थी। यह रकम झोपड़ी में संदूक में रखी थी। आग से नकदी के अलावा उसका व उसके बेटे का घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
वार्ड नंबर-31 से जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार गौरव राणा और प्रधान पद के उम्मीदवार रणवीर प्रजापति ने पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
भंडोरा में आग से दो मवेशी की मौत
बहसूमा। क्षेत्र के गांव भंडोरा में अज्ञात कारणों से घर में आग लगने से दो मवेशी जलकर मर गए तथा चारपाई, बिस्तर एवं खाने पीने का सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने मिट्टी-पानी से आग बुझाने प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाक सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
शनिवार दोपहर भंडोरा निवासी विनोद पुत्र रघुराज के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। छप्पर में बंधे दो मवेशी आग में झुलसकर मर गए।
ग्रामीणों ने परिवार के लिए प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। पुलिस और तहसील की टीम ने मौके का जायजा लिया।
आग से 22 बीघा गेहूं की फसल जली
जानीखुर्द/मवाना। सिवालखास और मवाना के जंगल में आग से 22 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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सिवालखास निवासी किसान देवेंद्र शर्मा की पांच बीघा, सुंदर सिंह की चार बीघा, सुरेंद्र की आठ बीघा और इंद्रपाल की दो बीघा गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी थी। शनिवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में फसल में आग लग गई। करीब एक घंटे के प्रयास के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान चारों किसानों की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी लेखपाल को दी। आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग की है। वहीं, मवाना क्षेत्र के गांव ढिकौली में अज्ञात कारणों से लगी आग से तीन बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। गांव ढिकौली निवासी अश्वनी और वीरपाल के खेत आसपास हैं। शनिवार दोपहर आग लगने से दोनों किसानों की तीन बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग में यूकेलिप्टस के पांच-छह पेड़ भी जल गए।
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