यूपी पुलिस के एक दरोगा के खिलाफ अविवाहित बताकर धोखे से शादी करने और यौन शोषण करने समेत गंभीर धाराओं में शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है। पीड़ित महिला सिपाही की तरफ से कोर्ट के आदेश यह मुकदमा दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि इस प्रकरण में तीन माह पूर्व में आरोपी दरोगा निलंबित हो चुके है और हाल ही में बहाल हुए है।
बिजनौर जिले की रहने वाली महिला सिपाही की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि दरोगा लविंक त्यागी ने सहारनपुर में पोस्टिंग के दौरान खुद को अविवाहित बताकर जुलाई 2015 में मंदिर में उसके साथ शादी कर ली थी। शादी के बाद वह गर्भवती हुई तो दरोगा उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाता रहा, लेकिन वह टालती रही।
डिलीवरी हुई तो उसे बताया गया कि बच्चा मृत पैदा हुआ। समय बीतता रहा। एक दिन दरोगा का फोन घर पर रह गया, जिस पर एक महिला का फोन आया। महिला ने खुद को दरोगा की पत्नी होना बताया। उसने जानकारी की तो पता चला कि दरोगा पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी है। जब यह भेद खुला तो तब तक वह दूसरी बार गर्भवती हो चुकी थी। दरोगा के बदले व्यवहार को देखकर वह मातृत्व अवकाश लेकर अपने मायके चली गई और उसने 2017 में बच्चे को जन्म दिया। इसी दौरान उनकी पोस्टिंग शामली जनपद में हो गई।
आरोप है कि दरोगा ने स्वयं और संदिग्ध लोगों से फोन कराकर उसे व उसके बच्चे को जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने दरोगा पर धोखा देकर शादी करने और पौने दो साल तक यौन शोषण करने का आरोप लगाते हुए एसपी शामली से शिकायत की थी। एसपी ने सीओ कैराना को जांच सौंपी थी।
जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसपी ने 21 अप्रैल 2019 को दरोगा को निलंबित कर दिया था, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। पीड़िता के मुताबिक 30 जून को दरोगा ने उसे धमकी दी और बताया कि उसका निलंबन आदेश निरस्त हो गया है और वह पुलिस लाइन में ड्यूटी पर आ गया है। उसने इस मामले की शिकायत थाने पर की, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली।
कोतवाली प्रभारी सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर महिला सिपाही की तरफ से दरोगा लविंक त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।