पद का दुरुपयोग कर टीबी रोग के मरीजों के खाते में जाने वाले रुपये के गबन का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
परीक्षितगढ़। परीक्षितगढ़ सीएचसी पर तैनात सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस) पर अपने पद का दुरुपयोग कर टीबी रोग के मरीजों के खाते में जाने वाले लाखों रुपये का गबन किए जाने का आरोप है। मुख्य चिकित्साधिकारी के आदेश पर सीएचसी प्रभारी ने एसटीएस के खिलाफ सरकारी रुपये के गबन की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
परीक्षितगढ़ सीएचसी पर किठौर निवासी जुनैद जब्बार लगभग 10 वर्षों से संविदाकर्मी एसटीएस के पद पर तैनात है। जो टीबी के मरीजों को दवाइयां वितरित करता है। आरोप है कि एसटीएस ने फर्जी टीबी रोगी बनाकर व निक्षय पोषण योजना का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करते हुए सरकारी पैसे का गबन किया। इस मामले की शिकायत दिल्ली के मंडावली फाजलपुर की गली जैदी गली निवासी शकीब अहमद ने जिलाधिकारी मेरठ व मुख्यमंत्री पोर्टल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की थी।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कटारिया को जांच कराने के लिए निर्देशित किया। सीएमओ की टीम में शामिल एसीएमओ, डीटीओ, डीपीएम ने एसटीएस पर लगे आरोपों की जांच की। जांच टीम ने 18 जुलाई 2025 को सीएमओ को रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें एसटीएस दोषी पाया गया। सीएमओ के आदेश पर परीक्षितगढ़ सीएचसी प्रभारी डॉ. रवि शंकर शर्मा ने एसटीएस जुनैद जब्बार के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत सरकारी रुपये के गबन का मुकदमा दर्ज कराया है।