फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: धोखाधड़ी के आरोप में किसान और पुत्री पर प्राथमिकी दर्ज

Sat, 14 Mar 2026 09:25 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
जमीन बेचने के बाद भी कब्जा नहीं देने की शिकायत पर हुई कार्रवाई
विज्ञापन

रोहटा। थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर मढ़ी में जमीन बेचने के बाद भी कब्जा न देने और फर्जी वसीयत तैयार कर क्रेताओं को परेशान करने का मामला सामने आया है। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने जमीन विक्रेता किसान और उसकी पुत्री के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार रसूलपुर मढ़ी निवासी सुमन और उसकी मां शांति देवी ने वर्ष 2017 में अपनी करीब 12 बीघा जमीन का बैनामा शशि पत्नी राजेंद्र, अर्जुन व ऋषभ पुत्र रामवीर निवासी नेक के नाम कर दिया था। रिश्तेदारी होने के कारण जमीन को ठेके पर बोने के लिए सुमन को ही दे दिया गया था।
विज्ञापन

30 मार्च 2025 को रामवीर के पुत्र ऋषभ व अर्जुन तथा शशि ने उक्त जमीन को रविंद्र कुमार तेवतिया निवासी शास्त्रीनगर गाजियाबाद और स्वाति पत्नी पुष्पेंद्र निवासी वर्णिका सिटी मेरठ को बेच दिया। दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के दौरान पता चला कि जमीन पर जिला सहकारी बैंक मेरठ का करीब 19 लाख रुपये का ऋण बकाया है, जिस पर तहसीलदार ने आपत्ति लगा दी।
आरोप है कि इस दौरान सुमन और उसकी पुत्री आंचल ने क्रेताओं से ऋण की रकम जमा कराने का आग्रह किया और भरोसे के तौर पर आंचल ने 10 लाख रुपये का चेक पुष्पेंद्र के नाम दे दिया, जबकि शेष रकम छह माह में गन्ने की फसल बेचकर देने का वादा किया। इसके बाद क्रेताओं ने बैंक में 19 लाख रुपये जमा कर दिए। बैंक से नो-ड्यूज मिलने के बाद 25 सितंबर 2025 को जमीन का दाखिल-खारिज भी क्रेताओं के नाम हो गया।
बाद में जब आंचल का दिया गया चेक बैंक में लगाया गया तो वह बाउंस हो गया। आरोप है कि जब क्रेताओं ने जमीन खाली कराने और जमा की गई रकम वापस मांगने की बात कही तो सुमन ने अपनी मां शांति देवी के हिस्से की जमीन को लेकर वर्ष 2020 की एक कथित फर्जी वसीयत अपने पुत्र निशांत के नाम दर्शाते हुए सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया। शांति देवी वर्ष 2017 में ही अपनी जमीन का बैनामा कर चुकी थीं और उनका निधन वर्ष 2023 में हो चुका है।
पीड़ितों का आरोप है कि सुमन न तो 19 लाख रुपये वापस कर रहा है और न ही जमीन पर कब्जा दे रहा है, बल्कि जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहा है। इस संबंध में क्रेताओं ने एसएसपी मेरठ से शिकायत की थी। जांच सीओ सरधना को सौंपी गई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
विज्ञापन

सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि जांच के बाद सुमन और उसकी पुत्री आंचल के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और चेक बाउंस समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें