लॉकडाउन खुलने पर पहले होंगी फाइनल ईयर की परीक्षाएं
मेरठ। प्रदेश के विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में कितनी परीक्षाएं अभी बाकी हैं। तीन मई को लॉकडाउन खुला तो उनको कितने दिन में खत्म करा सकते हैं। पहले फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाएं पूरी कराई जाएं। ये तमाम बातें शुक्रवार को डिप्टी सीएम और विवि के कुलपति-अधिकारियों के बीच की गईं। कुछ कुलपति ने यह भी राय दी कि ऐसे समय में परीक्षाओं की अवधि तीन घंटे से घटाकर दो घंटे भी कर सकते हैं। प्रश्नों की संख्या घटा सकते हैं। इसके साथ ही मूल्यांकन को लेकर कुलपति को ये अधिकार दिए गए हैं कि वे हर जिले में मूल्यांकन सेंटर बनाने के साथ ही उनकी संख्या भी जरूरत के हिसाब से बढ़ा सकते हैं।
शुक्रवार दोपहर को 12 बजे से दो बजे तक कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी ऑफिस में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, विशेष सचिव एवं अन्य अधिकारियों ने प्रदेश के सभी कुलपति, रजिस्ट्रार और शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। बैठक में मेरठ से सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा, रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा, क्षेत्रीय उच्चशिक्षाधिकारी डॉ. राजीव और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डिप्टी सीएम और सभी अधिकारियों ने सभी कुलपति से इसको लेकर चर्चा की कि अगर तीन मई को लॉकडाउन खुल जाता है तो परीक्षा कैसे कराएंगे। इस पर सभी कुलपति ने कहा कि कम से कम एक सप्ताह बाद ही शुरू कराई जा सकती हैैं। परीक्षा कार्यक्रम भी दोबारा घोषित करना होगा। छात्रों को भी समय चाहिए। अधिकतर जगहों पर बताया गया कि पेपर की संख्या इतनी है कि कितनी भी जल्दी कराएं, लेकिन एक महीने से पहले परीक्षाएं खत्म नहीं कराई जा सकती हैं। कई कुलपति ने राय दी कि पेपर की अवधि तीन घंटे से घटाकर दो घंटे कराई जा सकती है। पेपर चार पालियों में कराए जा सकते हैं। इसमें प्रश्नों की संख्या भी घटा सकते हैं। यह भी तय किया गया कि पहले फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षाएं कराई जाएं, ताकि उनका रिजल्ट जल्द से जल्द जारी होने के बाद वे अगली कक्षा में फार्म भर सकें। जो छात्र-छात्राएं प्रथम और द्वितीय वर्ष में हैं उनका रिजल्ट देरी से भी आएगा तो भी उससे ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। इस पर सहमति बनी। विवि में केंद्रीय व्यवस्था के तहत होने वाले मूल्यांकन को लेकर राज्यपाल ने सभी कुलपति को इस पर स्वयं निर्णय लेने को कहा। यानी मेरठ और सहारनपुर मंडल में अब जिलेवार केंद्र बनाकर मूल्यांकन की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर कुलपति मूल्यांकन केंद्र बढ़ा सकते हैं ताकि छात्र-छात्राओं का रिजल्ट समय से जारी किया जा सके।
ये है समस्या
सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों में 22 फरवरी से रेग्युलर में बीए-बीएससी-बीकॉम एवं प्राइवेट में बीए-बीकॉम एवं एमए-एमकॉम की परीक्षाएं शुरू हुईं थी। ये परीक्षाएं 27 अप्रैल को खत्म होनेे थी, लेकिन बीच मेें कोरोना का संकट आ गया। लॉकडाउन के चलते 18 मार्च से आगे की सारी परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं थी।
20 अप्रैल से विवि में शुरू होंगे जरूरी काम
राज्य सरकार ने शुक्रवार को जो एडवाइजरी जारी की है उसमें निर्देश दिए गए हैं कि 20 अप्रैल से 33 फीसदी अधिकारियों-कर्मचारी रोस्टर के हिसाब से ड्यूटी करेंगे। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 20 अप्रैल से जरूरी काम पूरे करा जाने शुरू हो जाएंगे। एलएलबी-एलएलएम समेत कई दूसरे सेमेस्टर के कोर्सों की परीक्षाओं का मूल्यांकन समाप्त हो गया था लेकिन इसके रिजल्ट आने बाकी थी। ऐसे में रोल लिस्ट आदि चेक कराकर ये रिजल्ट तुरंत जारी किए जाएंगे। दूसरे महत्वपूर्ण काम भी पूरे कराए जाएंगे।