सरकार जीएसटी का वार्षिक रिटर्न फार्म जीएसटीआर-9 जारी कर चुकी है। यह 2017-18 के लिए भरा जाएगा। इसे भरने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। पोर्टल पर जाकर इसे भरा जा सकता है। व्यापारियों के संदेश और जिज्ञासाओं को वाणिज्य कर विभाग दूर करने की कोशिश कर रहा है।
जीएसटीआर-9 वह रिटर्न फार्म है, जो जीएसटी सिस्टम में रजिस्टर्ड कारोबारियों को हर साल के अंत में भरना पड़ता है। कारोबारी ने अपने साल भर के व्यापार के दौरान जो मासिक या तिमाही रिटर्न (जीएसटीआर-1,2,3,4 और 8) भरे होते हैं, उन सभी जानकारियों का इकट्ठा विवरण इसमें दर्ज करना होता है। कंपोजिशन स्कीम, ई कॉमर्स ऑपरेटर्स को भी यह रिटर्न भरना अनिवार्य है।
टेक्सेशियों अकादमिक फोरम के महासचिव भारत ज्ञान भूषण ने बताया कि जीएसटी में प्रत्येक रजिस्टर्ड व्यक्ति को 2017-18 वर्ष केलिए वार्षिक विवरणी (जीएसटीआर-9) 31 अगस्त तक प्रस्तुत करनी है।
वार्षिक विवरणी प्रस्तुत न करने पर 200 रुपये प्रतिदिन की लेट फीस अधिकतम प्वाइंट 5 प्रतिशत टर्नओवर का जो भी कम हो देय होगी। दो करोड़ से अधिक टर्न ओवर वाले व्यक्तियों के लिए ऑडिट रिपोर्ट जीएसटी आर9 सी में प्रस्तुत करना है। इस समय से प्रस्तुत न करने पर जीएसटी आर की तरह लेट फीस देय होगी।
ऑडिट से बचना है तो सभी तथ्य फार्म में एक बार भरें
जीएसटी संवेदनशील विधिक प्रक्रिया है, जिसमें जरा सी कमी फ्रॉड की श्रेणी में आ सकती है। जीएसटी एक्ट के अंतर्गत 31 दिसंबर तक रिटर्न भरे जाने होते हैं, लेकिन सरकार द्वारा समयावधि 31 अगस्त तक बढ़ाकर लाभान्वित किया गया है। लेकिन 72 महीने की अवधि विलंब होने पर खाते सीज हो सकते हैं।
अगर जीएसटी ज्यादा वसूला गया है तो वह जब्त होगा और कम जमा किया गया है तो वह वसूले जाने का प्रावधान है। दोबारा ऑडिट से बचने केलिए सभी तथ्य फार्म में एक साथ ही भरें तथा जीएसटी रजिस्ट्रेशन में पैन के स्थान पर टेन का प्रावधान दिया जाना उचित होगा।