मेरठ। दिल्ली से मेरठ का सफर एक घंटे से भी कम समय में पूरा कराने के लिए एनसीआरटीसी तेजी से कार्य कर रहा है। अब तक किए गए कार्य को दिखाने के लिए 11 मिनट 12 सेकेंड का एक वीडियो अपलोड किया है। वहीं, कार्य की तैयार रूपरेखा के बारे में एनसीआरटीसी एमडी विनय कुमार सिंह ने विस्तार से बताया है।
82 किमी के इस प्रोजेक्ट में 50 किलोमीटर में कार्य शुरू कर दिया है। इसमें पहले चरण में 17 किमी में साहिबाबाद से दुहाई तक और दूसरे चरण में लगभग 32 किमी में दुहाई से शताब्दीनगर तक कार्य किया जा रहा है। सरायकाले खां से मोदीपुरम तक वर्ष 2025 तक रैपिड रेल चलाने का लक्ष्य है। इसमें अभी तक 50 पिलर तैयार कर लिए हैं। वहीं, 12 किमी के हिस्से में 1800 पिलर के लिए फाउंडेशन तैयार कर लिया है। वहीं, 24 हाईटेंशन लाइन स्थानांतरित कर दीं। जिनसे निर्माण कार्य में रुकावट न हो सके।
वीडियो में दिखाया क्या होंगे फायदे
एनसीआरटीसी ने अपने कार्य के अपडेट के साथ-साथ रैपिड रेल से होने वाले फायदे भी दिखाए हैं। जिससे लोगों को इससे होने वाले लाभ के बारे में पता चल सके। इसके अतिरिक्त इस रैपिड रेल में कई आधुनिक तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है। इन तकनीक को भी बताया है। पूरा वीडियो एनसीआरटीसी के यूट्यूब पर उपलब्ध है। जिससे कोई भी इस प्रोजेक्ट की जानकारी ले सकता है। इस प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ाने के लिए मेरठ, मोदीनगर, गाजियाबाद में कार्यालय बनाए गए हैं। जिससे समय-समय पर प्रोजेक्ट की समीक्षा की जा सके।