होली का त्योहार आते ही मिलावट का कारोबार तेजी पकड़ गया है। जिसकी मुख्य जड़ें देहात के इलाकों में हैं। गंदगी में खुलेआम मिठाइयां बन रही हैं। धड़ल्ले से सिंथेटिक मावा तैयार किया जा रहा है। कच्ची शराब की भट्टियां धधक रही हैं तो अवैध शराब का स्टॉक शहर के गोदामों में जमा हो चुका है। मिठाई और मावे के ऑर्डर पूरे करने के लिए रात-दिन कारीगर लगे हैं। पुलिस-प्रशासन सब कुछ देखकर भी नजर फेर रहा है तो एफडीए शहर की दुकानों पर छापामारी कर खानापूर्ति कर रहा है।
जसड़ में मिलावटी मिठाइयां
सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जसड़ में मिलावट कर मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। यहां करीब एक दशक से मिलावटी मिठाई का कारोबार किसी कुटीर उद्योग की तरह पनपा है। लगभग एक दर्जन घरों में खुलेआम बंगाली रसगुल्ले और मिल्क केक तैयार होता है। यह मिठाई न सिर्फ गंदगी में तैयार होती है, बल्कि इसमें सिंथेटिक मावे के साथ मैदे का प्रयोग होता है। साथ ही जो चीनी का घोल तैयार होता है, वह बहुत ही गंदा होता है।
मुल्हैड़ा में सिंथेटिक मावा
सरधना तहसील का गांव मुल्हैड़ा सिंथेटिक मावे का गढ़ है। यहां पर आधा दर्जन से ज्यादा घरों में प्रतिदिन कुंतलों मावा तैयार होता है। बिना दूध के यह मावा पूरी तरह कृत्रिम तरीके से बड़े पैमाने पर तैयार होता है। इस मावे को तैयार करने के लिए रिफाइंड ऑयल और मिल्क पाउडर के साथ मैदे का प्रयोग होता है। तीनों को मिलाकर पेस्ट तैयार करके मावा तैयार किया जाता है।
मिलावट की मार दूर तक
जसड़ की मिठाई और मुल्हैड़ा का मावा सिर्फ आसपास के कस्बों और मेरठ शहर में नहीं बल्कि बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़, बागपत, गाजियाबाद, शामली और नोएडा जैसे आसपास के जनपदों में भी बिकता है। इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड और हरियाणा राज्य में भी इसकी सप्लाई होती है।
सैंपल भरने तक ही सीमित
मिलावट का यह धंधा खुले तौर पर चलता है। वहीं, एफडीए सिर्फ शहरों और कस्बों में मिठाइयों की दुकानों पर जाकर वहां सैंपल भरने का ही काम करता है। इन कथित कारखानों की तरफ उसका कोई ध्यान नहीं होता। आरोप लगते रहे हैं कि मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले एफडीए के साथ ही स्थानीय थाने और प्रशासन से भी साठगांठ कर धड़ल्ले से काम कर रहे हैं।
दावों में धधक रहीं शराब की भट्टियां
होली पर आबकारी विभाग को भी तगड़ा झटका देने की तैयारी शराब माफिया कर चुके हैं। खादर क्षेत्र में भले ही पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाने का दावा कर रहा हो, लेकिन अभी भी सैकड़ों भट्ठियां हस्तिनापुर, मवाना, परीक्षितगढ़ और किठौर क्षेत्र में धधक रही हैं। ये भट्ठियां गन्ने का सीजन शुरू होते ही आग उगलनी शुरू कर देती हैं। हालांकि अब इन भट्ठियों की आग धीमी हो रही है। होली के मद्देनजर बड़ा स्टॉक कच्ची शराब का तैयार हो चुका है। जो परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चितमानाशेरपुर, नारंगपुर, लोधीपुर, दयालपुर, नीमका, बागवाला आदि में जमा है।
नहीं रुकती अवैध शराब की तस्करी
होली के मद्देनजर आबकारी और पुलिस विभाग की सख्ती के दावों के बीच शराब माफिया अवैध शराब का बड़ा स्टाक जमा कर चुके हैं। शराब की मांग त्योहार से एक सप्ताह पहले बढ़ जाती है। पूरे साल होने वाली हरियाणा ब्रांड की शराब की तस्करी भी इस बार जोरों पर है। यह स्टॉक धीरे-धीरे फुटकर विक्रेताओं तक पहुंच रहा है। मेरठ में एक रालोद नेता के संरक्षण में आने वाले इस स्टॉक को टीपी नगर, माधवपुरम, कंकरखेड़ा और इंचौली थाना क्षेत्र में बनाए गए गोदामों में रखा जाता है।
ये रंग न कर दें बदरंग
होली के रंगों में भी मिलावट हो रही है। फुटकर में बिकने वाला गुलाल और रंग तक नकली आ रहा है। केमिकल से तैयार रंग जहां त्वचा और आंखों को सीधा नुकसान पहुंचाता है। वहीं नकली गुलाल चॉक मिट्टी के साथ पकी हुई मिट्टी से तैयार किया जाता है। जो आंखों में जाने पर उसे सीधे नुकसान पहुंचाता है।
कोट
मिलावटी खाद्य पदार्थ और अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। देहात क्षेत्र में जो मिलावटी खाद्य पदार्थ का धंधा चल रहा है, उसके खिलाफ छापामारी कराई जाएगी। -पंकज यादव, डीएम