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Meerut News: पाेश मशीन नहीं चलने के कारण खाद का वितरण अटका

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- गोदाम में उपलब्ध खाद का भी नहीं हो रहा वितरण
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। खरखौदा क्षेत्र की तीन किसान सेवा सहकारी समितियों पर पोश मशीन न चलने के कारण एक सप्ताह से खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है। किसान लगातार समितियों के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि गोदाम में भी खाद की उचित मात्रा नहीं है। गोदाम में जो खाद उपलब्ध है उसे वितरण भी नहीं किया जा रहा है।

खरखौदा स्थित किसान सहकारी समिति नंबर एक से कस्बा खरखौदा सहित क्षेत्र के नौ गांव जुड़े हैं। इन गांवों के 1700 किसानों का समिति से खाद का लेनदेन होता है। कस्बा खरखौदा में ही किसान सेवा सहकारी समिति पश्चिम से भी नौ गांव जुड़े हैं। इन गांवों के करीब 1500 किसानों का खाद का लेनदेन होता है।
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उधर क्षेत्र के गांव कैली स्थित किसान सेवा सहकारी समिति से 11 गांव जुड़े हैं। इन गांवों के करीब 2000 किसानों का समिति से खाद का लेनदेन होता है। तीनों समितियों पर किसानों के अनुपात में नाममात्र के लिए यूरिया तो है लेकिन वह भी फटे पुराने बोरे गोदाम में पड़े हैं। किसान उन पुराने बोरों को भी लेने के लिए समिति पर जा रहे हैं, लेकिन एक सप्ताह से पोश मशीन न चलने के कारण किसानों को खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है। समिति के कर्मचारियों का कहना है कि पोश मशीन में ऊपर से कोई सुधार किया जा रहा है। इस कारण मशीन नहीं चल पा रही है।
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अब किसानों को जमीन के अनुरूप ही मिलेगा खाद

प्रत्येक किसान सहकारी समिति पर जिला कृषि अधिकारी का लिखित आदेश पहुंच गया है। आदेश में लिखा है कि खरीफ की फसलें धान, गन्ना व मक्का की बुवाई के लिए किसानों को पर्याप्त व संतुलित मात्रा में खतौनी के आधार पर पोश मशीनों से ही यूरिया का वितरण होना है। जिसमें धान के लिए पांच किलो प्रति बीघा, गन्ने के लिए 15 किलो प्रति बीघा के हिसाब से ही खाद का वितरण किया जाएगा। किसान के पास कितनी भी जमीन है एक बार में एक किसान को केवल सात बोरे ही यूरिया दिया जाएगा।
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