चार से पांच गुणा फीस वृद्धि होने से प्रतिदिन बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंसों की संख्या कम हो गई है। वहीं एजेंट के माध्यम से डीएल बनवाने के लिए लोगों को निर्धारित फीस 1 हजार की जगह तीन हजार रुपये तक देने पड़ रहे हैं।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने राजस्व बढ़ाने के लिए गत 4 जनवरी को ड्राइविंग लाइसेंस की फीस में भारी वृद्धि कर दी। पहले लर्निंग डीएल के लिए जहां 60 रुपये फीस निर्धारित की थी, अब इसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया है। इसके अलावा परमानेंट डीएल के लिए निर्धारित 300 रुपये फीस को बढ़ाकर 1 हजार रुपये कर दिया था। इसके बाद जहां रोजाना 400 से 450 डीएल बनते थे अब इसकी संख्या घटकर करीब 350 रह गई है। अधिकारियों का कहना है कि लर्निंग में पांच गुणा और परमानेंट में करीब चार गुणा फीस वृद्धि होने से लाइसेंस बनवाने की संख्या में कमी आई है।
दलाल ले रहे 3 हजार रुपये
फीस वृद्धि होते ही दलालों ने भी अपने रेट बढ़ा दिए हैं। पहले जहां दलाल 1500 से 2000 रुपये लेते थे अब तीन हजार रुपये तक ले रहे हैं। हालांकि आरआई राजेंद्र सिंह ने बताया कि युवाओं को एजेंटों के झांसे में आने की जरूरत नहीं है। वे सामान्य प्रक्रिया के तहत अपना डीएल बनवा सकते हैं। यदि कोई एजेंट गुमराह कर डीएल बनवाने की बात करता है वह तो अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं।