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चाचा मेरा मकान बिकाऊ है, बोलो-खरीदोगे क्या..., शातिर बदमाश से तंग आकर पीड़ित परिवार ने चस्पा किए पोस्टर

Thu, 08 Oct 2020 11:27 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

  • अजित हप्पू गिरोह के शातिर बदमाश से तंग है पीड़ित परिवार
  • बावली गांव का है मामला, पुलिस की अनदेखी पड़ सकती है भारी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बागपत में बावली गांव के एक व्यक्ति ने एक लाख के ईनामी बदमाश अजित हप्पू गिरोह के शातिर बदमाश से परेशान होकर अपना मकान बेचने के लिए मजबूर हो गया। पीड़ित ने बकायदा अपने मकान पर मकान बिकाऊ के पोस्टर में चिस्पा किएं है।

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यह हाल तब है  जब पीड़ित का भाई नौ सेना में दिल्ली मुख्यालय में तैनात है, लेकिन इतना गंभीर मामला होने के बावजूद कोतवाली पुलिस पूरी तरह से इससे अनदेखी कर रही है। इससे गांव में कोई बड़ी घटना होने की पूरी-पूरी आंशका बनी हुई है। 

पीड़ित विनोद बावली गांव का रहने वाला है। उसका भाई राहुल तोमर नौ सेना में जवान है और हाल में उसकी पोस्टिग दिल्ली मुख्यालय पर है। विनोद का कहना है कि  घर के पास ही अजित उर्फ हप्पू के गिरोह के शातिर अपराधी का घर स्थित है।

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आरोपी को शक है कि वह पुलिस से उसकी मुखबिरी करते हैं, जिसके कारण वह आए दिन उन्हें जान से मारने की धमकी  देकर परेशान करता रहता है। एक बार वह गांव से पलायन कर चले गए थे, लेकिन कुछ दिन पहले दोबारा गांव में लौटे, तो आरोपित ने उन्हें फिर धमकाना शुरू कर दिया, जिससे उनका परिवार दहशत में है।  

वर्तमान में पीड़ित घर पर अपनी मां कमलेश देवी के साथ रहता है। पीड़ित ने बताया कि यह शातिर अपराधी किसी भी वक्त बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है। इसलिए मजबूरी में वह मकान बेचना चाहते हैं और अपने घर के बाहर मकान बिकाऊ के पंपलेट चिपकाने पड़े हैं। पुलिस भी आरोपित के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करती है। इस संबंध में प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है।

इस संबंध में जब सीओ आलोक सिंह से बातचीत की
गई तो उनका कहना था कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कर पता लगा कि दोनों पक्षों के बीच अदालत में मुकदमा चल रहा है।

एक मुकदमा मकान पर पोस्टर लगाने वाला व्यक्ति हार चुका है, जबकि दूसरा मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। एक माह पहले दोनों पक्षों को मुचलका पाबंद किया गया था। पंपलेट पुलिस-प्रशासन को दबाव में लेने के लिए चिपकाए गए हैं, इसकी जांच कराई जा रही है।

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