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एफडीए की जांच में खरी नहीं उतरी रेडबुल

Wed, 10 Aug 2016 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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रेडबुल के सेंपल की जांच करती टीम - फोटो : अमर उजाला
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मल्टी नेशनल ब्रांड की रेडबुल एनर्जी ड्रिंक खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग (एफडीए) की जांच में खरी नहीं उतरी है। स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानते हुए एफडीए ने मंगलवार को शहर के दो बड़े स्टोरों से रेडबुल की 1572 कैन सीज करते हुए इसकी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। बुधवार से प्रदेश के बाकी हिस्सों में इसकी बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी है।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह कदम सेंट्रल लैब से रिपोर्ट आने के बाद उठाया है। जिसमें ड्रिंक को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना गया है। रिपोर्ट में साफ हुआ है कि ड्रिंक को बेचने के लिए ना केवल भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, बल्कि निर्धारित मात्रा से अधिक कैफीन मिलाया जा रहा है जो सेहत के सुरक्षित नहीं है। सेंट्रल लैब की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मंगलवार को मेरठ की टीम ने एफडीए कमिश्नर मनोहर लाल (लखनऊ) को रेडबुल ड्रिंक की पूरी रिपोर्ट से अवगत कराया।
जिस पर कमिश्नर ने तत्काल सारी ड्रिंक को सीज करने और दोबारा से सैंपल भरने का निर्देश दिया। इसके बाद अभिहित अधिकारी वीके वर्मा और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह ने तीन टीमें बनाकर कार्रवाई शुरू की। इन टीमों ने कंकरखेड़ा और गढ़ रोड स्थित स्टोरों पर मिले रेडबुल ड्रिंक के स्टाक को सीज कर दिया। हालांकि शहर में अन्य जगहों पर भी छापामारी की गई। लेकिन कहीं पर इसका स्टॉक नहीं मिला। ड्रिंक की सभी कैन को स्टोर मैनेजर की निगरानी में सीज कर वहीं पर सुरक्षित रखवाया गया है।
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यह हुई कार्रवाई
दोनों स्टोर से सीज ड्रिंक
250 एमएल - 972 (कैन)
350 एमएल - 600 (कैन)
सीज ड्रिंक की कीमत - करीब 1.83 लाख रुपये

क्या है ड्रिंक की हिस्ट्री
रेडबुल ड्रिंक यूरोपीयन देश आस्ट्रिया में तैयार किया जा रहा है। जिसे दुबई स्थित रेडबुल एशिया लिमिटेड द्वारा तैयार कराया जाता है। इसके बाद दुबई की कंपनी रेडबुल इंडिया लिमिटेड (मुंबई) के माध्यम से देशभर में इसकी सप्लाई करती है। 250 एमएल की ड्रिंक को 110 रुपये में बेचा जाता है। खास बात यह है कि इस ड्रिंक को अभी तक अधिकांश लोग शुगर के मरीजों के लिए भी सुरक्षित मानते रहे हैं। क्योंकि बताया जाता है कि इसके अंदर शुगर की मात्रा सामान्य ड्रिंक के मुकाबले काफी कम है।

निर्धारित मात्रा से ज्यादा कैफीन
अभिहित अधिकारी वीके वर्मा ने बताया है कि सेंट्रल लैब ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि कैफीन की मात्रा अधिकतम 320 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) होनी चाहिये। लेकिन इसके अंदर 382 पीपीएम पाया गया है, जो पूरी तरह से सेहत के लिए असुरक्षित है। जिस कारण से ड्रिंक को सीज कर बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है। बुधवार से रिटेल स्टोर पर भी रेडबुल के स्टॉक की जांच की जाएगी। कहीं पर अगर मिलता है तो उसे भी सीज किया जाएगा।
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