सूचना पर पहुंची सरूरपुर थाना पुलिस ने शवों को बाहर निकालकर उनकी पहचान कराई और परिजनों को खबर दी। सीओ सरधना आशुतोष ने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने कहा कि मेरठ-करनाल हाइवे पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही हादसों का बड़ा कारण बन चुकी है। रात के अंधेरे में धान की पुआल से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक बड़ी संख्या में सरधना व आसपास के कस्बों की ओर आते हैं। दो दिन पहले भी गांव बपारसी के पास धान से लदा ट्रक पलट गया था। ओवरलोड वाहनों के चलते राहगीरों को न केवल भारी दिक्कत होती है, बल्कि उनकी जान पर भी खतरा मंडराता रहता है।