Murder in Muzaffarnagar: जानसठ के अहरोड़ा गांव में पिता सुंदरपाल की हत्या उसके बेटे मिंटू ने शराब के नशे में कर दी। मां के सामने ही उसका सुहाग उजाड़ दिया।
मजदूरी कर जिंदगी की गाड़ी खींच रहे सुंदरपाल वाल्मीकि ने बेटे को नशे की हालत में देखा तो नाराजगी जताई। कहासुनी के दौरान झगड़ा बढ़ गया। बेटे ने रोटी सेंकने वाला तवा उठाया और पिता पर वार करने शुरू कर दिए। बीच-बचाव के लिए आई मां लोकेश ने बेटे को रोकने की कोशिश की। खूब गिड़गिड़ाई, लेकिन आरोपी नहीं माना। बेदम हुए पिता और बिलखती विधवा मां को देखकर आरोपी फरार हो गया।
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परिजनों से पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
अहरोड़ा में सन्नाटा पसरा है। बुधवार रात शराब पीकर बेटा मिंटू हैवान बनकर अपने वृद्ध पिता पर टूट पड़ा। मां ने बेटे को समझाने की कोशिश की, रोका भी और गिड़गिड़ाई, लेकिन नशे की हालत में मिंटू को रहम नहीं आया। वह पिता को पीटता रहा। हमले से सुंदरपाल के सिर में काफी चोटें पहुंचीं, जिससे वह गंभीर घायल हो गया और उसकी जान चली गई।
अधिकतर ग्रामीणों को बृहस्पतिवार सुबह घटना की जानकारी मिली। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। प्रकरण की जानकारी ली। बिलखती मां ने पुलिस और ग्रामीणों को हकीकत बताई।
हत्या की जानकारी होने पर एकत्र ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
मृतक के दो बेटे चंडीगढ़ में करते हैं नौकरी
मृतक सुंदरपाल वाल्मीकि के तीन पुत्र जॉनी, मिंटू व ब्रजपाल और एक पुत्री सुमन है। बड़ा पुत्र जॉनी और पुत्री सुमन की शादी हो चुकी है, जबकि मिंटू और ब्रजपाल अविवाहित हैं। जॉनी चंडीगढ़ में एक कंपनी में नौकरी करता है, जबकि बृजपाल गाड़ी चालक की नौकरी करता है। आरोपी मिंटू अपनी मां लोकेश और पिता सुंदरपाल के साथ गांव में ही रहता था। पिता की मौत की जानकारी मिलते ही चंडीगढ़ से दोनों बेटे भी गांव पहुंचे।
भावुक परिवार बोला, नहीं चाहते पोस्टमार्टम
अहरोड़ा गांव का मिंटू खेतों में मजदूरी करता है। नशे को लेकर आए दिन पिता विरोध करते थे। बुजुर्ग की मौत से भावुक हुए परिवार ने बृहस्पतिवार सुबह अंतिम संस्कार करने की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस को जानकारी नहीं दी गई। सीओ यतेंद्र नागर व कोतवाली प्रभारी राजीव शर्मा ने परिजनों को समझा बुझाकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।