मंगलवार सुबह 9:30 बजे मवाना रोड पर सड़क किनारे ग्राम प्रधान युद्धवीर सिंह के ईख के खेत के कुछ लोगों ने कुत्तों का झुंड देखा। कुत्ते बच्चे के शव को नोंच रहे थे। ग्रामीणों ने यह मंजर देखा तो कुत्तों को दौड़ाया, तभी एक कुत्ता बालक के सिर को मुंह में दबाकर जंगल की तरफ भाग गया। सूचना पर 10:00 बजे इंस्पेक्टर इंचौली पुलिस टीम के साथ पहुंचे। पुलिस और ग्रामीण जंगल में बालक का सिर को ढूंढने में लग गए। करीब 30 मिनट बाद सिर कुत्ते से छुड़ाया गया। उसका एक हाथ भी गायब था। वह भी बहुत बाद में मिला। शव की यह दुर्दशा देख हर कोई हैरान था। इस हालत में शव को पहचानना भी मुश्किल हो रहा था।
वहीं, दिल्ली पुलिस मंगलवार दोपहर आरोपी दीपक के साथ इंचौली थाने पहुंची। बाद में दीपक की निशानदेही पर शव बरामद किया गया। दीपक ने बताया कि वह मासूम को लेकर रिश्तेदार के पास मेरठ आया था। तीन दिसंबर को यहां मासूम की गला दबाकर हत्या की और फिर शव खेत में फेंक दिया।
घर के बाहर खेलते समय अगवा किया था
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मासूम परिवार के साथ प्रीत विहार की झुग्गियों में रहता था। परिवार में माता-पिता के अलावा दो बहनें हैं। पिता रिक्शा चालक हैं, जबकि मां घरों में सफाई करती हैं। 30 नवंबर की शाम को मानव घर के बाहर खेल रहा था। तभी दीपक उसे बहलाकर ले गया।
इसके बाद वह नहीं लौटा। बाद में पकड़े गए दीपक ने बताया था कि उसने मासूम की हत्या कर शव को इंचौली के गांव में फेंक दिया है।