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पहले ही दिन फास्टैग व्यवस्था ठप, लगा लंबा जाम, यात्रियों की कर्मचारियों से हुई नोकझोंक

Mon, 16 Dec 2019 02:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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fastag - फोटो : अमर उजाला
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रविवार को सुबह के आठ बजते ही टोल प्लाजा पर फास्टैग व्यवस्था शुरू कर दी गई। यहां 12 में से 10 लेन फास्टैग के लिए जबकि दो लेन कैश देने वाले वाहनों के लिए बनाई गईं थी। दोनों ओर बेरिकेंडिंग भी की गई थी। थोड़ी देर तक तो सब कुछ सामान्य चलता रहा, लेकिन जैसे जैसे हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ा व्यवस्था ठप हो गई।
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देखते ही देखते टोल प्लाजा पर लंबा जाम लग गया। इस दौरान वाहन चालकों और कर्मचारियों में नोकझोंक भी हुई। लोगों के बढ़ते गुस्से और जाम को देखते हुए टोल प्रबंधन ने 2 लेन की जगह 4 लेन पर कैश व्यवस्था चालू कर दी, लेकिन इस व्यवस्था से भी जाम से राहत नहीं मिली। शाम से टोल प्लाजा पर 12 में से महज 5 लेन पर ही फास्टैग सेवा चालू रही। यानि पहले दिन फास्टैग की व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित रही।
 

एक अक्तूबर से देशभर के 527 टोल प्लाजा पर फास्टैग व्यवस्था को लेकर तैयारियां चल रही थी। 15 दिसंबर से फास्टैग व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया गया। सिवाया टोल प्लाजा पर पिछले 15 दिन से इसकी तैयारी चल रही है। रविवार को फास्टैग व्यवस्था का पहला दिन होने के चलते टोल प्लाजा पर अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस की ड्यूटी भी लगाई गई।

सुबह आठ बजे टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम शुरू हुआ, लेकिन थोड़ी ही देर में व्यवस्था जवाब दे गई और जाम लग गया, जो देखते ही देखते बढ़ता गया। जाम को देखते हुए कई फास्टैग लगे वाहन चालक कैश की लेन में जाने लगे तो कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। इसको लेकर उनकी कहासुनी भी हुई। कई लेन पर मारपीअ तक की नौबत आई गई, लेकिन टोल प्रबंधन के अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला संभाला और दोपहर 12 बजे के करीब 10 की जगह 8 लेन में फास्टैग व्यवस्था कर दी, जिससे जाम से थोड़ी राहत मिली।

 

कुछ देर तक तो सब सामान्य चलता रहा, लेकिन कुछ ही देर में यह व्यवस्था भी जवाब दे गई। टोल प्लाजा मैनेजर प्रदीप चौधरी ने बताया कि बढ़ते जाम और लोगों की परेशानी को देखते हुए टोल प्रबंधन के अधिकारियों ने शाम 5 बजे के करीब दौराला की ओर से महज 1 लेन में और मेरठ की ओर से 4 लेन में ही फास्टैग व्यवस्था को चालू रखा, शेष लेन कैश के लिए खोल दी गईं। तब जाकर जाम से राहत मिल सकी। देर रात तक भी टोल प्लाजा के कर्मचारी जाम खुलवाने और व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।

फास्टैग जरूर बनवाएं लोग
वेस्टर्न यूपी टोलवे कंपनी के डायरेक्टर श्रीधर नारायण ने बताया कि फास्टैग के कारण जाम की समस्या बनी। रविवार को फास्टैग का पहला दिन था। कई वाहन चालकों ने फास्टैग नहीं बनवाया था तो कई वाहन चालकों का रिचार्ज खत्म हो गया था उनके कारण ही जाम की समस्या बन रही है। लोगों को फास्टैग जरूर बनवाना चाहिए, ताकि समस्या न हो। इसके लिए एनएचएआई ने बैंकों को ऑथराइज्ड किया है। पेट्रोल पंप, होटल के अलावा इंटरनेट से ऑनलाइन खुद भी फास्टैग का इस्तेमाल कर सकते हैं। सिवाया टोल प्लाजा पर अब तक करीब 8 हजार लोग फास्टैग बनवा चुके हैं।

 
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केंद्रीय राज्य मंत्री ने किया प्लाजा का निरीक्षण
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने भी रविवार को टोल प्लाजा के डायरेक्टर श्रीधर नारायण से फास्टैग की जानकारी ली और टोल प्लाजा की व्यवस्थाएं देखी। बालियान ने टोल डायरेक्टर से कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे फास्ट टैग सेवा भी चलती रही और यात्री भी परेशान न हो। इस अवसर पर कंपनी के मैनेजर प्रदीप चौधरी, सुरक्षा अधिकारी मनिंदर विहान, मार्कोलेन मैनेजर राजीव चौधरी, इंजीनियर आयुष चौधरी, अश्वनी चौधरी, मनोज तेवतिया, राहुल सिवाच, भीम सिंह, संदीप, पवन, आलोक पांडेय, आदि मौजूद रहे।

आंदोलन की दी चेतावनी
भराला गांव के प्रधान एवं प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष उपेंद्र चौधरी भी करीब एक घंटे सिवाया टोल प्लाजा पर जाम में फंसे रहे। जाम से निकलने के बाद प्रधान ने कहा कि टोल की कोई व्यवस्था नहीं है, यात्री परेशान हो रहे है, जाम में फंस रहे। उन्होंने कहा कि यदि टोल पर ऐसे ही अव्यवस्था रही तो फिर अंदोलन कर टोल फ्री कराया जाएगा। इसके अलावा भारतीय किसान यूनियन के कुछ पदाधिकारियों ने भी जाम की समस्या को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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