जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने जेएनयू प्रकरण पर कहा कि देश विरोधी नारेबाजी से भारत नहीं टूटेगा। कश्मीर में इस तरह की नारेबाजी आम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान जाकर बेहतर फैसला किया, इससे दोनों देशों के बीच बातचीत का माहौल तैयार होगा। कांग्रेेेस सरकार कभी ऐसा कदम नहीं उठा सकती है।
रसूलपुर धौलड़ी गांव में पूर्व विधायक हसन अहमद के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों को सब्जबाग दिखाकर सत्ता में आई है। दो साल बीत गए, लेकिन युवाओं को रोजगार नहीं मिला। विदेशों से जमा काला धन वापस नहीं आया। दो माह से ज्यादा समय जम्मू कश्मीर में पीडीपी और भाजपा सरकार पर कोई फैसला तक नहीं कर सकें। इसका फायदा आतंकवादी उठा रहे हैं।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिये मजबूत सरकार चाहिये। केंद्र सरकार से मांग की कि कश्मीर में आई बाढ़ से बेघर हुए लोगों को बसाने के लिये उचित मुआवजा और रोजगार फिर से शुरू करने के लिये 45 हजार करोड़ रुपये दिए जाने चाहिए। भाजपा देश में खराब हो रहे सांप्रदायिक माहौल को ठीक करने के लिये कुछ नहीं कर रही है। भारत-पाक के बीच तनाव के मसले पर उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने-अपने कब्जे वाली जमीन पर स्थिति जस की तस रखें। जमीन का फैसला लड़ाई के मैदान पर अब नहीं हो सकता है। पूर्व विधायक हसन अहमद, सरकार हुसैन, बबार प्रधान मौजूद रहे।