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संगठन नेताओं पर दबाव का कवच बनेंगे किसान

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मेरठ। किसान आंदोलन के तहत ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के बाद सरकार ने किसान नेताओं पर रिपोर्ट दर्ज कर न केवल आंदोलन खत्म करने का दबाव बढ़ा दिया बल्कि उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है। वहीं, अपने नेताओं पर बन रहे दबाव के चलते किसान फिर से लामबंद होने लगे हैं। उन्होंने चेताया कि यदि संगठन के नेताओं की गिरफ्तारी की गई तो वे जेल भरो आंदोलन शुरू कर देंगे।
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गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई हिंसा और लाल किले की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने आंदोलनरत किसान संगठनों के नेताओं पर मुकदमें दर्ज कर दिए हैं। किसानों को बॉर्डर खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है। गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को गिरफ्तार करने और धरना हटाने के लिए पहुंची भारी फोर्स के चलते लौट चुके किसान आक्रोशित होने लगे हैं।
धरने पर जमे भाकियू के जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी का कहना है कि सरकार आंदोलन खत्म करने के लिए संगठन नेताओं पर हिंसा कराने का ठीकरा फोड़ रही है। यह पुलिस प्रशासन और सरकार की विफलता है। सरकार उपद्रवियों को गिरफ्तार करने की बजाय आंदोलन दबाना चाहती है। यदि राकेश टिकैत को गिरफ्तार किया तो किसान जेल भरो आंदोलन शुरू करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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गाजीपुर हाई वोल्टेज ड्रामे पर किसानों की नजर
हिंसा के बाद घर लौटे किसानों की नजर गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे हाईवोल्टेज ड्रामे पर लगी है। उन्होंने फिर से आंदोलन स्थल पर पहुंचने की तैयारी शुरू कर दी है। किसानों का कहना है कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर आंदोलन कुचलना चाहती है। किसान तब तक आंदोलन खत्म नहीं करेंगे जब तक तीनों काले कानून वापस नहीं हो जाते।
टिकैत के आंसू देख किसानों में रोष
गाजीपुर बॉर्डर पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के भावुक होने और नए कृषि कानून वापस नहीं लेने पर आत्महत्या कर लेने के एलान से किसानों में रोष फैल गया। जंगेठी निवासी किसान हरेंद्र, पाथौली निवासी वरुण सांगवान, जिटौली निवासी मनोज और जवाहर सिंह आदि ने कहा कि राकेश टिकैत को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार ने आंदोलन दबाने का प्रयास किया तो किसान बड़ी संख्या में दिल्ली कूच करेंगे।
सपा नेता गाजीपुर धरने में पहुंचे
मेरठ। सपा नेता बृहस्पतिवार को गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के धरने में पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व अन्य किसान नेताओं से मुलाकात की। राकेश टिकैत से आज के हालातों पर चर्चा की। जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने कहा कि पता चला कि किसानों को हटाने का भारी दबाव है। पानी व बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह, विपिन मनोठिया, संजीव यादव, गौरव आदि रहे।
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