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गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं होने से किसान खफा

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गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं होने से किसान खफा
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शामली, बुढ़ाना। भाजपा सरकार का किसानों की आय दुगनी का दावा खोखला साबित हुुआ है। पिछले तीन वर्ष से गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं हुई है। गन्ने के साथ-साथ सभी फसलों की उत्पादन लागत बढ़ती जा रही है। गन्ने के उत्पादन में इस वर्ष कमी आई है। उत्पादन लागत बढ़ने, उत्पादन में कमी आने तथा सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न किए जाने से गन्ना किसान परेशान है।
- प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न करके किसानों के साथ नाइंसाफी की है। उत्पादन लागत प्रतिवर्ष बढ़ती जा रही है। इस वर्ष गन्ने का उत्पादन गिरा है। किसानों का सरकार से विश्वास खत्म होता जा रहा है।- चौ. अतहर हसन, पूर्व ग्राम प्रधान उमरपुर।
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- गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने से आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए। भाजपा सरकार ने बिजली, खाद व डीजल के दाम बढ़ाकर किसान की कमर तोड़ने का प्रयास किया है। इस सरकार से किसानों को कोई उम्मीद नही होनी चाहिए। - रामनिवास सहरावत, सेवानिवृत अपर जिला कृषि अधिकारी।
- पिछले तीन सालों मे रसायनिक खाद, डीजल ओेर बिजली के रेट दो गुने से अधिक हो गए है। ट्रैक्टर व कृषि यंत्रों के दाम बढ़ते जा रहे है। सरकार की मंशा साफ दिखाई दे रही है। किसानों को सरकार से कोई उम्मीद नही रखनी चाहिए। - अजीत सिंह उर्फ बबलू, पूर्व ब्लॉक प्रमुख।
- गन्ने का समर्थन मूल्य न बढ़ाना प्रदेश की योगी सरकार की किसान विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। पिछले तीन वर्षों में सरकार ने डीजल, पेट्रोल, घरेलू गैस, कीटनाशक दवाई व बिजली के दामों में कितनी वृद्धि की है, यह देश का हर नागरिक जानता है। - बालकिशोर त्यागी, क्षेत्रीय महासचिव रालोद।
- किसानों के दम पर आई भाजपा की सरकार अब उन्हें ही परेशान कर रही है। कृषि कानून को लेकर किसान संकट में है। बजट ने किसानों की आशाओं पर पानी फेर दिया। अब गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न करके अपनी किसान विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। - अनुज बालियान, तहसील अध्यक्ष भाकियू।
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- भाजपा की सरकार गन्ना किसानों के साथ छलावा कर रही है। पिछले तीन सालों में खेती की उत्पादन लागत में दो गुनी ज्यादा वृद्धि हुई है। गन्ना मूल्य का न बढ़ाना सरकार की किसान विरोधी मानसिकता को बताता है।- संजीव पंवार, ब्लॉक अध्यक्ष भाकियू।
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