मेरठ। भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव गावंडी स्थित कूड़ा प्लांट में खुले में कूड़ा डालने के विरोध में किसानों ने कूड़ा केंद्र जाने वाली सड़क पर धरना शुरू दिया। उन्होंने कूड़ा लेकर जा रहे वाहनों को रोक दिया। बाद में नगर
गांवडी के पूर्व प्रधान इंद्रपाल गुर्जर, सुनील गुर्जर अमरीश गुर्जर भूरा उर्फ राकेश, सतंरपाल भाटीने बताया कि कूडा प्लांट लगाने के लिए भूमि अधिग्रहण करते समय अधिकारियों ने सीवर प्लांट लगाकर कूडा डालने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कोई सीवर प्लांट नही लग सका। जिससे गांव में संक्रामक बीमारियों के फैलने का हमेशा खतरा रहता है। अधिकांश घराें में घातक बीमारी से लोग पीड़ित हैं।
किसानों ने बताया कि बरसात में कूड़ा सड़ने लगा था। जिससे दुर्गंध से बुरा हाल था। संबंधित अधिकारियों ने कूड़े को जमीन में दबवाकर उसपर मिट्टी डलवा दी। इस कारण गांवों का पानी भी विषैला हो रहा है। विरेंद्र सिंह, मनोज कौशिक, मंगू फौजी, सतवीर प्रधान, महावीर, गुडडु पंडित आदि का आरोप है कि वहां कंपनी से करार बताया जा रहा है जबकि वह कंपनी भी छोड़कर जा चुकी है। दूसरी ओर चार दिनों से बीस से तीस कूडे की गाड़ी डाली जा रही है। किसानो का धरने पर बैठने की जानकारी मिलते ही सबसे पहले स्वास्थ्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने नगर आयुक्त से बातचीत करने की बात कहते हुए उन्हें लौटा दिया। जिसके बाद अपर नगरायुक्त लवी त्रिपाठी, डाॅ. अमर सिंह अवाना, राजेश कुमार, कुलदीप कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनी। नगर आयुक्त ने भरोसा दिया कि 20 दिन के अंदर ही सीवर प्लांट का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। गांव में रोजाना फोगिंग की जाएगी।
विद्यार्थियों को हो रही परेशानी
किसानों का कहना है कि गावड़ी कूडा केंद्र से मात्र एक किलोमीटर दायरे में छात्राओं का इंटर कॉलेज, और आसपास में दो अन्य स्कूल हैं। जहां हजारों बच्चे पढ़ने आते हैं। वह भी इस समस्या से परेशान हैं।