खरखौदा। गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए 300 हेक्टेयर कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों को धरना देते हुए लगातार 53 दिन हो चुके हैं। क्षेत्र में करीब 12 घंटे से हो रही लगातार बरसात और ठंड में भी किसान धरने पर डटे हैं। शुक्रवार को धरने पर किसान दयाचंद की हालत बिगड़ गई।
प्रशासन द्वारा औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि के अधिग्रहण से गांव खड़खड़ी, गोविंदपुर, छतरी व खरखौदा माजरा के 800 किसान प्रभावित होंगे। प्रशासन द्वारा भूमि का चिह्नीकरण किए जाने के बाद से ही किसान अधिग्रहण का विरोध करते आ रहे हैं। प्रशासन इस योजना में अभी कोई कार्रवाई करने से इन्कार कर रहा है, जबकि क्षेत्रीय लेखपाल अधिकारियों का आदेश बताकर कई बार मौके पर पहुंचकर जमीन की पैमाइश का प्रयास कर चुके हैं। धरनारत किसातों ने हर बार मौके पर पहुंचकर लेखपाल को पैमाइश करने से रोका है।
धरने में ब्लॉक प्रमुख, तीन जिला पंचायत सदस्य, 22 गांव के प्रधान धरनारत किसानों को अपना समर्थन दे चुके हैं। किसान दिन-रात लगातार धरतारत हैं। क्षेत्र में करीब 12 घंटे से लगातार बरसात हो रही है व ठंड भी बहुत है, लेकिन इसके बावजूद किसान धरनारत हैं।
धरने पर बैठे गांव छतरी निवासी 57 वर्षीय किसान दयाचंद की शुक्रवार को ठंड के कारण तबीयत बिगड़ गई। धरनारत अन्य किसानों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अब किसान की हालत में सुधार है। किसानों का कहना है कि ठंड में लगातार धरने पर बैठने के कारण किसान की हालत बिगड़ी है।