खरखौदा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा मेरठ-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग 235 के निर्माण एवं चौड़ीकरण हेतु खरखौदा कस्बा समेत अन्य गांवों के किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण वर्ष 2015 में किया गया था। इसका अवार्ड तथा कब्जा 2016 में ले लिया था। अब किसानों ने मंडलायुक्त से भूमि पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन की मांग की है।
मेरठ-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग 235 के निर्माण का अवार्ड 215 में होकर एनएचएआई ने निर्माण कंपनी को 2016 में कब्जा दिलाया था। कस्बा समेत क्षेत्र के गांव कैली, पांची, लालपुर, धीरखेड़ा, फफूंडा समेत रोड पर आने वाले सभी गांवों के किसानों ने प्रतिकर का भुगतान आपत्ति सहित प्राप्त कर लिया है। हालांकि भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन एक्ट 2013 की अनुसूची का अवार्ड नहीं हुआ। जिससे किसानों को लाभ नहीं मिल सका है। वहीं, रेलवे द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अधिग्रहण कृषि भूमि के अनुसूची 02 के लाभ 5.5 लाख रुपये एवं प्रतिकर से मिली धनराशि तथा एक वर्ष के अंदर कृषि भूमि खरीदने पर स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन की फीस दी जा रही है। भूमि अर्जन एक्ट पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन 2013 में स्पष्ट प्रावधान है कि दूसरी अनुसूची के लाभ कमिश्नर द्वारा पुनर्वासन व पुनर्व्यस्थापन के अधिनिर्णय अंतर्गत किया जाएगा। यह अभी तक नहीं हुुआ है और न ही किसानों को इसका लाभ मिल पाया है। किसानों ने मंडलायुक्त से इस योजना में आदेश पारित करने की मांग की है।