इसलिए दिया साथ
भाकियू पंजाब और हरियाणा में चल रहे आंदोलन का समर्थन नहीं कर रही थी। स्थानीय स्तर पर आंदोलन करने वालों से दूरी बना रखी थी। गुरुवार को दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर हरियाणा बॉर्डर पर घमासान के बाद भाकियू ने किरकिरी से बचने के लिए भाकियू हाईकमान ने दोपहर को अचानक शुक्रवार को हाईवे जाम करने का आह्वान कर दिया।
मेरठ में किसानों से संबंधित केंद्र सरकार के तीन कानूनों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने गुरुवार को कमिश्नरी पर प्रदर्शन किया। हाथ में तख्ती और बैनर लेकर किसानों ने कॉरपोरेट भगाओ किसान बचाओ के नारे लगाए और पैदल मार्च कर प्रधानमंत्री के नाम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा।
समिति के मंडल संयोजक मानवेंद्र वर्मा ने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित तीनों कानूनों को देश के किसान विरोध करते हैं। अखिल भारतीय किसान सभा के नेता जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश के सभी किसान संगठन एक होकर इसकी लड़ाई लड़ेंगे। किसान नेता कुलदीप त्यागी ने कहा कि देश को मजबूत बनाना है तो किसान को मजबूत करना होगा।
गन्ना भुगतान ब्याज सहित कराने, पराली और पत्ती जलाने पर जुुर्माने का प्रावधान समाप्त करने और डीजल की कीमत आधी करने की भी मांग उठाई गई। इस मौके पर कर्नल जयवीर सिंह, डीपी सिंह, चौधरी रामवीर सिंह, अशोक पंवार, कुलदीप त्यागी, जितेंद्र सिंह, रामकुमार प्रधान, अंकित चौधरी, संजय मलिक आदि मौजूद रहे।