पदयात्रा में शामिले किसान
- फोटो : अमर उजाला
ये हैं मांगें
1. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एक प्रोजेक्ट के लिए एक समान मुआवजा दिया जाए।
2. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर एकसमान मुआवजा दिया जाए।
3. डासना से मेरठ तक किसानों के आवागमन के लिए सर्विस रोड का निर्माण।
4. टेंडर में वर्णित अंडरपास की ऊंचाई 5.5 मीटर हो। इसे छोटा कर दिया गया है। जिससे ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों का अंडरपास से गुजरना संभव नहीं है।
5. प्राप्त मुआवजे की रकम से कृषि भूमि खरीदने पर स्टांप शुल्क मुफ्त कर दें। आयकर के अवांछित नोटिस बंद करें।
6. हाईवे की साइड में किसानों के आवागमन को रोकने वाली दीवार को हटाया जाए।
7. रेलवे कॉरीडोरके लिए अधिग्रहीत भूमि की तर्ज पर प्रभावित प्रत्येक खाताधारक को साढ़े पांच लाख रुपये दिए जाएं।
8. किसानों को हाईवे के इस्तेमाल पर टोल टैक्स फ्री किए जाएं। क्षेत्रीय प्रभावित किसानों के नौजवानों को रोजगार दिए जाएं।
9. सदर तहसील के गांव कांशी, सौलाना, अच्छरौंडा, भूडबराल, परतापुर सहित अन्य गांवों की आर्बिटेशन की सुनवाई नहीं हुई।
10. मुआवजे में बड़े स्तर पर अनियमितता, घोटाला, फर्जीवाड़े की शिकायतें आने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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