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अरविंद केजरीवाल बोले, आंदोलनकारी किसानों की तन-मन-धन से करेंगे मदद, देखा नहीं गया राकेश टिकैत का रोना

Mon, 01 Mar 2021 05:37 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : amar ujala
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मेरठ में किसान महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली घटनाक्रम के बाद भाकियू नेता राकेश टिकैत का रोना मुझसे देखा नहीं गया। 28 जनवरी की रात मैंने जो कुछ टीवी पर देखा, उस पर यकीन नहीं हुआ।
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हमारे देश के महान किसान नेता बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के पुत्र राकेश टिकैत किसानों के लिए ठंड में अपना शरीर गला रहे हैं। मैंने आप के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह से उन्हें फोन कराया और खुद भी बात की। हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने जो भी जरूरतें बताईं, हमारे विधायकों और कार्यकर्ताओं ने रातोंरात उसकी व्यवस्था की।

केजरीवाल ने कहा कि जो देश को प्यार करते हैं, वे किसानों के इस पवित्र आंदोलन के साथ हैं। आंदोलन व्यवस्थित तरीके से हो रहा है। न हिंसा हुई न बवाल हुआ। मैं किसानों के साथ तन मन धन के साथ खड़ा हूं। 
दूसरी तरफ केंद्र सरकार दिल्ली में किसानों पर लाठियां बरसा रही है। सड़कों पर कीलें ठोकी जा रही हैं। किसानों पर झूठे मुकदमे किए जा रहे हैं। भाजपा ने तो अंग्रेज़ों को भी पीछे छोड़ दिया। किसानों पर लगान वसूली के लिए इतना जुल्म तो अंग्रेजों ने भी नहीं किया था।

लाल किला का पूरा कांड सरकार ने कराया: केजरीवाल ने दावा किया कि 26 जनवरी को लाल किले का पूरा कांड  केंद्र सरकार ने खुद कराया। उत्तर प्रदेश, पंजाब के लोगों और किसानों ने मुझे बताया कि ये जानबूझकर उधर भेज रहे थे, जिन्होंने झंडे फहराए वो इनके अपने कार्यकर्ता थे। कहा, किसान देशद्रोही नहीं हो सकता है। 

स्टेडियम मे अस्थायी जेलें नहीं बनने दीं
केजरीवाल ने बताया, किसान आंदोलन शुरू होने के दौरान केंद्र सरकार ने दिल्ली के नौ स्टेडियम को अस्थायी जेलें बनाने के लिए फाइल भेजी थी। हमने फाइल रोक ली। अगर हम स्टेडियम को जेल बनाने देते तो ये किसानों का यहां कैद कर दिया जाता और आंदोलन टांय-टांय फिस्स हो जाता।
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मिल में गन्ना पहुंचते ही होगा भुगतान
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ना बकाए की समस्या पर उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि चीनी मिल मालिक किसानों का 18 हजार करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं। योगी जी बताएं कि उनकी क्या मजबूरी है? कहा, आम आदमी पार्टी को मौका मिलेगा तो यूपी में ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि किसान गन्ने को मिल में डालकर घर तक नहीं पहुंचेगा, गन्ना मूल्य उसके बैंक खाते में आ जाएगा।

योगी सरकार पर साधा निशाना
केजरीवाल ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा। कहा- भाजपा और सरकार के लोग कह रहे हैं कि एमएसपी था, है और रहेगा। मैं योगी आदित्यनाथ से कहना चाहता हूं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एक मंडी दिखा दो, जहां एमएसपी पर धान की खरीद होती हो।

एमएसपी पर आसानी से खरीदी जा सकती हैं 23 फसलें
केजरीवाल ने 23 फसलों को एमएसपी पर खरीदने में सरकार का एक भी पैसा खर्च न होने का फॉर्मूला बताया। कहा, किसान एमएसपी फ्री में नहीं मांग रहा है। किसान बदले में अपनी फसल देगा। सरकार उस फसल को बेच कर पैसा कमाएगी। केंद्र सरकार चाहे तो सभी फसलें एमएसपी पर ले सकती है। शुरुआती दौर में इसमें कुछ लाभ-हानि हो सकता है लेकिन 10 से 15 साल तक यह बराबरी पर आ जाएगा।
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