मवाना। सहकारी गन्ना विकास समिति के किसान भवन में गन्ना विकास विभाग और इफको मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में जिला सहकारी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि उप गन्ना आयुक्त परिक्षेत्र मेरठ ने प्रतिभाग करने वाले गन्ना पर्यवेक्षकों एवं चीनी मिल के फील्ड स्टाफ को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि गन्ना कृषकों की आय में वृद्धि के लिए आवश्यक है कि कृषकों के उत्पाद की गुणवत्ता एवं उत्पादकता अच्छी हो। कृषि आधारित गोष्ठियों एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से ही गन्ना किसानों के मध्य 0238 गन्ना किस्म का विस्थापन कर अन्य स्वीकृत गन्ना किस्मों 13235, 15023, 16202, 0118, 15466 आदि को बोने के लिए उन्हें प्रेरित किया जा सकता हैै।
अध्यक्षता कर रहे समिति अध्यक्ष विनोद भाटी ने मिल के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि मिल का फील्ड स्टाफ क्षेत्र में गन्ना किसानों से प्रत्यक्ष संवाद कर गन्ना खेती की नई तकनीकों का प्रचार-प्रसार करें।
इफको लखनऊ के उप महाप्रबंधक यतेंद्र तेवतिया ने संगोष्ठी में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के प्रयोग का आह्वान किया।
इफको एमसी क्रॉप साइंस से धर्मेंद्र सिंह ने 0238 गन्ना किस्म में लाल सड़न रोग की रोकथाम, नियंत्रण तथा गन्ना फसल में लगने वाली अन्य बीमारियों एवं कीट की रोकथाम के बारे में बताया।
मिल के उप महाप्रबंधक हरिओम शर्मा ने गन्ना फसल में बीज उपचार, भूमि उपचार,फसल सुरक्षा एवं प्रजातीय बदलाव पर विचार रखे। गोष्ठी में मिल व समिति के पदाधिकारी के साथ किसान भी उपस्थित रहे।