किसानों की महापंचायत से शहर में लगा भीषण जाम, घंटों रेंगते रहे वाहन
- मवाना बस अड्डे से कचहरी पुल तक थमे वाहनों के पहिये
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कमिश्नरी पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत की महापंचायत के दौरान मंगलवार को शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई। महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। देखते ही देखते शहर के कई प्रमुख मार्ग जाम की चपेट में आ गए। मवाना बस अड्डा, माल रोड, कुटी चौराहा, जीरोमाइल, मेघदूत पुलिया और कचहरी पुल समेत कई स्थानों पर वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। जाम के दौरान ट्रैफिक पुलिस बेबस नजर आई।
कमिश्नरी पार्क पर मंगलवार सुबह किसान अपनी मांगों को लेकर महापंचायत के लिए एकत्र हुए थे। सुबह से ही महापंचायत की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने लगी थी। दोपहर तक स्थिति और बिगड़ गई। जगह-जगह वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हुई।
गर्मी और उमस के बीच लोग काफी देर तक वाहनों में फंसे रहे। जाम खुलवाने के लिए यातायात पुलिसकर्मी कई स्थानों पर तैनात रहे, लेकिन वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि यातायात सामान्य कराने में उन्हें भी परेशानी हुई। कई मार्गों पर वाहन आगे बढ़ने के बजाय काफी देर तक एक ही स्थान पर खड़े रहे। यातायात पुलिस के प्रयासों के बावजूद जाम की स्थिति बनी रही। एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ देर के लिए सड़क पर जाम लगा था। ट्रैफिक पुलिस ने जाम खुलवाकर राहगीरों को आगे के लिए रवाना कर दिया।
-स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा
जाम से परेशान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। लोगों ने सड़क पर उतरकर वाहनों को आगे बढ़वाने और रास्ता खाली कराने का प्रयास किया। इससे कुछ स्थानों पर यातायात धीरे-धीरे चल सका। जाम का असर शहर के अंदरूनी मार्गों पर भी दिखाई दिया। सामान्य दिनों में करीब 10 मिनट में पूरी होने वाली दूरी तय करने में लोगों को आधे घंटे से भी अधिक समय लग गया।