मेरठ। बिजली की बढ़ी दरों और गन्ना बकाया भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को लखनऊ में होने वाले आंदोलन के लिए भाकियू कार्यकर्ता मंगलवार को नौचंदी एक्सप्रेस से लखनऊ कूच कर गए। सिटी स्टेशन पर किसानों की भारी भीड़ पहुंचने और आरक्षित डिब्बों में किसानों के चढ़ने से रेलवे अधिकारियों की सांस फूल गई। किसानों की नारेबाजी होने से मौके पर पहुंचे आरपीएफ और जीआरपी जवानों ने स्थिति को संभाला।
बिजली दर बढ़ोतरी वापस लेने और गन्ना बकाया भुगतान कराने की मांग को लेकर बुधवार को भाकियू की लखनऊ में महापंचायत हो रही है। इस महापंचायत में भाग लेने के लिए पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, शामली, सहारनपुर, बुलंदशहर, बिजनौर, हापुड़ आदि से भी किसान भाग ले रहे हैं। मंगलवार को मेरठ भाकियू कार्यकर्ताओं के अलावा काफी किसान नौचंदी एक्सप्रेस से लखनऊ कूच करने के लिए सिटी स्टेशन पर पहुंचे। सहारनपुर से पहुंची लिंक एक्सप्रेस में भी सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली आदि के भाकियू कार्यकर्ता सवार होकर आए थे। यहां आते ही किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी और आरक्षित डिब्बों में चढ़ना शुरू कर दिया। आरक्षित सीट कब्जाने पर यात्रियों को परेशानी हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत रेल अधिकारियों से की। सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी जवान भी पहुंचे और किसानों को किसी तरह समझाकर जनरल बोगी में जगह दिलाई। जिन किसानों ने रिजर्वेशन कराया था वे अपनी सीटों पर जम गए और बाकी किसानों को भी अपने साथ ही बैठा लिया। कुछ किसानों ने ट्रेन में ही हुक्का गुड़गुड़ाना शुरू कर दिया। लखनऊ कूच करने वाले किसानों में पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह दबथुआ, राजकुमार करनावल, संजय दौरालिया, नवाब सिंह अहलावत, महकार सिंह दौराला, रवींद्र दौरालिया, बबलू जिटौली, सचिन त्यागी, बिट्टू जंगेठी, प्रमोद त्यागी, धीरज लाटियान, धीर सिंह नंगला, नरेश मवाना, दिलशाद सुरानी, जयकरण किनौनी आदि मौजूद रहे।