कलक्ट्रेट में फोर्स तैनात
- फोटो : अमर उजाला
किसानों के लिए पानी की व्यवस्था की मांग करते हुए कहा कि पानी नहीं आया तो किसान डीएम आवास में घुस जाएंगे। वहां जगह कलक्ट्रेट से ज्यादा है। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की अनदेखी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान भुगतान सहित बाकी मांगें मनवाकर रहेंगे। धरने की अध्यक्षता रूकन सिंह और संचालन सुनील पहलवान ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ओमपाल सिंह, रामौतार सिंह, संदीप त्यागी, दीपक तोमर, राजेंद्र सिंह, अतुल कुमार, कुलदीप सिंह, मदन सिंह, विजयपाल सिंह, विनोद परमार, समरपाल सिंह, नतेंद्र प्रधान, लुधियान सिंह, रामपाल सिंह, बलराम सिंह, जसवीर सिंह, बिजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
पुलिस और पीएसी को किया गया तैनात
कलक्ट्रेट में आसपास भारी पुलिस व पीएसी बल तैनात रहा। पहली बार किसानों के आंदोलन में अर्द्धसैनिक बल के जवान लगाए गए थे। हालांकि किसी ने किसानों को रोकने की कोशिश नहीं की। आंदोलन के दौरान कुछ जगह पर किसानों की पुलिस से नोकझोंक हुई। एसपी कार्यालय के बाहर किसानों ने अपने वाहन खड़े किए थे।
वहां वाहन हटाने को लेकर किसानों व एक एलआईयू कर्मचारी में कहासुनी हो गई। किसानों ने कलक्ट्रेट में आंदोलन कई दिन चलाने का एलान किया। डीएम ऑफिस के सामने किसानों ने तमोटी भी गाड़ ली। कहा कि दिन रात किसान यहीं रुकेंगे। किसान खाने पीने का सामान, बर्तन, ईंधन चक्की भी साथ लाए हैं।
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पॉलिथिन का किया बहिष्कार
सरकारी कार्यक्रमों में भी प्रशासन पॉलिथीन का बहिष्कार नहीं करता है। लेकिन आंदोलन में शामिल किसानों ने पॉलिथीन का प्रयोग न करने की बात कही। वक्ताओं ने घर से बर्तन लाने या बाजार से बर्तन खरीदकर उनमें खाना खाने को कहा। नया ट्रैफिक एक्ट भी किसानों के निशाने पर रहा। कहा कि किसानों को फसलों की लागत का लाभकारी मूल्य आज तक नहीं मिला और उन पर ट्रैफिक के नए नए नियम थोपे जा रहे हैं। कोई भी कुछ देखने को तैयार नहीं है।
ये रहीं प्रमुख मांगें
- महंगाई को आधार मानकर गन्ना मूल्य बढ़ाने।
- नजीबाबाद चीनी मिल की क्षमता बढ़ाने।
- बकाया भुगतान ब्याज सहित दिलाने।
- रावली से बालावाली तक गंगा पर तटबंध बनवाने।
- अफजलगढ़ के किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने।
- तहसील में दाखिल खारिज समय से करने व खतौनी में दर्ज गलत नामों में संशोधन करने।
- कोऑपरेटिव सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार की जांच कराने।
- बिजली की जर्जर लाइन बदलवानें।
- फूंके ट्रांसफार्मर 24 घंटे में बदलवाने।
- चकबंदी की लंबित प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कराने।
- नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने।
- सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवा बहाल करने।
- निजी विद्यालयों में हो रही अवैध वसूली बंद कराने।
- किसान सम्मान निधि से छूटे किसानों का पंजीकरण कराने।
- चक मार्गों से अवैध कब्जे हटाए जाएं।
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