मेरठ। प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली मंडल की खरीफ उत्पादकता गोष्ठी की। उन्होंने किसानों से कीटनाशकों एवं रसायनों का कम प्रयोग कर गुणवत्तायुक्त फसल उत्पादन करने की अपील की। जिससे किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल सके।
कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा ने अधिकारियों को किसानों द्वारा उगाई जा रही फसलों की बिक्री के लिए पहले से ही रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं, मेरठ मंडल की कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने अवगत कराया कि कोविड-19 महामारी काल में किसानों द्वारा दैनिक कार्य सुगमतापूर्वक किए गए हैं। जनपद बागपत ने उर्वरक के लिए रैक प्वाइंट व राजकीय बीज भंडारों की मरम्मत कराए जाने की मांग की। एनसीआर में होने वाले प्रदूषण के नियंत्रण के लिए फसल अवशेष प्रबंधन की रणनीति तैयार करने की आवश्यकता बताई।
मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहून ने अवगत कराया कि जनपद में प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा अंतर्गत कार्ययोजना तैयार की गई है। जिला अधिकारी बागपत द्वारा बताया गया कि नहरों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर द्वारा खरीफ फसलों के लिए तैयारी एवं जनपद की समस्याओं से अवगत कराया गया। अपर निदेशक मनरेगा योगेश कुमार द्वारा निर्देशित किया गया कि मनरेगा कृषि से जुड़े भूमि समतलीकरण मेड़ बंदी, पौधरोपण आदि कार्यों के लिए कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं गन्ना आदि विभागों के माध्यम से कार्ययोजना तैयार कर उपलब्ध कराएं। निदेशक पशुपालन एवं निदेशक मत्स्य द्वारा भी विभागीय योजनाओं की जानकारी से अवगत कराया गया। प्रमुख सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी द्वारा प्रत्येक विकास खंड पर एक एफपीओ गठित करने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को ऐच्छिक किए जाने का प्रचार प्रसार करने तथा सभी लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गोष्ठी का संचालन संयुक्त कृषि निदेशक सुनील कुमार अग्निहोत्री द्वारा किया गया। यहां उप कृषि निदेशक बृजेश चंद्र और जिला कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार सिरोही मौजूद रहे।