हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के करीब पांच किसानों के खाते में बृहस्पतिवार को बाढ़ के मुआवजे की धनराशि स्थानांतरित की गई है।
खादर क्षेत्र में 13 जुलाई को गंगा के उफान पर आ जाने से कई स्थानों से गंगा का तटबंध क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था। जिसमें खादर क्षेत्र के करीब दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे। बाढ़ से किसानों के खेतों में खड़ी गन्ने और धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। किसानों के बड़े नुकसान को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ में नष्ट हुई फसल का आंकलन कराया और मुआवजे के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी। बृहस्पतिवार को एनईएफटी के माध्यम से मानक के अनुसार तय धनराशि किसानों के बैंक अकाउंट में स्थानांतरित की गई।
मानक से कम मिली धनराशि
बाढ़ में नष्ट हुई फसल के मुआवजे को लेकर कुछ किसान उत्साहित नजर आए तो कुछ किसानों ने इसे मानक से कम बताया। रठौरा कलां निवासी सरदार गुरप्रीत सिंह, गुरजेंट, सतनाम आदि ने बताया कि उनकी कई-कई हेक्टेयर फसल बाढ़ में नष्ट हुई है पिछले 20 वर्षों में कभी इतना नुकसान बाढ़ से नहीं हुआ परंतु मुआवजा फसल नष्ट होने के अनुरूप उन्हें नहीं मिला है। मुआवजे की धनराशि बहुत कम है। सरकार को फसलों पर आने वाले खर्च को ध्यान में रखकर मुआवजा देना चाहिए था।
यह गांव हुए थे बाढ़ से प्रभावित
खादर क्षेत्र में जुलाई माह में आई भीषण बाढ़ में दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ में प्रभावित हुए थे जिनमें रठौरा कलां, फतेहपुर प्रेम, हरिपुर, दबखेड़ी, सिरजोपुर, शेरपुर, हंसापुर परसापुर, हरिपुर, बड़ी चमरोध, बस्तोरा नारंग, मखदूमपुर, किशोरपुर, जलालपुर जोरा, लतीफपुर, किशनपुर, भीमकुंड, दूधली, तारापुर, मानपुर आदि गांव शामिल थे।