ट्रेन में भारी संख्या में कार्यकर्ता और किसान चढ़े तो उन्होंने आरक्षित बोगियों में भी सीटों पर कब्जा कर लिया। इसका असर यह हुआ कि रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को भी बैठने तक की जगह नहीं मिल पाई। जीआरपी और आरपीएफ मौजूद तो रहे लेकिन पूरी स्थिति में मूकदर्शक बने रहे।
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चौधरी संजीव तोमर ने बताया कि संगठन हर साल सितंबर में लखनऊ पंचायत करता है और किसानों की समस्याओं को सरकार के सामने रखता है। इस बार भी पंचायत में गन्ने का भाव ₹500 प्रति क्विंटल तय करने, बकाया भुगतान ब्याज सहित दिलाने, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का मुआवजा, स्मार्ट मीटर पर रोक और मुजफ्फरनगर में एम्स की सुविधा जैसी प्रमुख मांगों पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंचायत के बाद 35 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को सौंपा जाएगा। लखनऊ रवाना होने वाले किसानों में युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, जिला अध्यक्ष आकिल राणा, साजिद अल्वी, रज्जी खान, शुभम लांबा, इरशाद, अमित, इलियास, शुभम और अकबर सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।