- भारतीय किसान आंदोलन संगठन के पदाधिकारियों की पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक
मेरठ। भारतीय किसान आंदोलन संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार को कलक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इंस्पेक्टर सिविल लाइन ने समझाने का प्रयास किया तो उनके साथ नोकझोंक भी हुई। बाद में संघ के पदाधिकारी और किसान धरने पर बैठ गए।
भारतीय किसान आंदोलन के नेता कुलदीप त्यागी के नेतृत्व में पदाधिकारी और किसान नेता कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि निरंतर महंगाई बढ़ने के बावजूद प्रदेश में चार साल से गन्ने के दाम नहीं बढ़े हैं। इस पर विचार किया जाए। आंदोलनरत किसानों की मांग सही है। फसल उत्पादों के दाम तय कर एमएसपी पर गारंटी कानून सुनिश्चित हो और बिजली पानी भी निशुल्क प्रदान कराई जाए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सौम्या (आईएएस) और एसीएम संदीप श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे।। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना पर एडीएम सिटी अजय तिवारी भी पहुंच गए।
इसके बाद अधिकारियों के सामने ही संगठन के पदाधिकारी धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। बाद में एडीएम सिटी ने किसी तरह धरना खत्म कराया। एक घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा चलता रहा। हंगामा करने वालों में विजय कालड़ा, गिरीश त्यागी, सुशील गौड़, रविंद्र ध्यानी, अजय माहेश्वरी और अन्य रहे।
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हाईवे सहित मुख्य मार्गों पर अलर्ट रही पुलिस
मेरठ। आंदोलनरत किसानों के समर्थन में हाईवे और अन्य मुख्य मार्गों पर जाम को लेकर पुलिस अलर्ट रही। कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पुलिस फोर्स और दमकल विभाग की टीम अलर्ट रही। वहीं, परतापुर तिराहा, मोहद्दीनपुर, कंकरखेड़ा खेड़ा बाईपास, मोदीपुरम और दौराला पर अलग-अलग स्थानों पर पुलिस टीमें निगरानी करती रहीं। पुलिस अफसरों को अंदेशा था कि कुछ स्थानों पर किसान नेता या ग्रामीण जाम लगाने का प्रयास कर सकते हैं।
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